अवैध बांध निर्माण का विरोध हमारा अधिकार है : नायडू (लीड-1)
इसके साथ ही नायडू ने उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि वह राजनीतिक लाभ लेने के लिए बाभली बांध मुद्दे का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री से इस मुद्दे पर मिलेंगे।
नायडू से जब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण के आरोपों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने आईएएनएस से कहा, "हम गोदावरी नदी पर अवैध बांध निर्माण का विरोध करते हैं। यह हमारा अधिकार है, क्योंकि यह अवैध निर्माण हमारे राज्य की जनता के जीवन पर असर डालता है। ऐसे में यह कोई राजनीतिक मुद्दा कैसे होगा?"
नायडू ने संसद के बाहर संवाददाताओं से कहा, "मैं शाम पांच बजे प्रधानमंत्री से मुलाकात करूंगा।"
चव्हाण ने नायडू के नांदेड़ मार्च को राजनीतिक और अनावश्यक बताया था। जिसके लिए उन्हें पुलिस हिरासत में ले लिया गया था।
चव्हाण ने इसके पहले यहां कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद कहा था, "नायडू की कार्रवाई राजनीतिक है, क्योंकि आंध्र प्रदेश में विधानसभा का उपचुनाव घोषित हो चुका है।"
इस बीच जनता दल (सेक्युलर) के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी.देवेगौड़ा और एआईएडीएमके के नेता एम.थम्पी दुरई ने संसद भवन में स्थित तेदेपा कार्यालय में नायडू से मुलाकात की और कर्नाटक व आंध्र प्रदेश में रेड्डी बंधुओं द्वारा जारी कथित अवैध खनन, महाराष्ट्र में बाभली बांध के अवैध निर्माण और 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में आईटी एवं संचार मंत्री ए.राजा की संलिप्तता के खिलाफ संसद में संयुक्त मोर्चा खोलने के लिए रणनीति पर चर्चा की।
नायडू ने कहा, "हमें महाराष्ट्र में गोदावरी नदी पर बाभली बांध के अवैध निर्माण के खिलाफ हमारी लड़ाई में जद (एस), एआईएडीएमके और वामपंथी पार्टियों का समर्थन प्राप्त है।"
तेदेपा नेता नामा नागेश्वर राव ने आईएएनएस को बताया कि तेदेपा, जद (एस) और एआईएडीएमके ने वामपंथी पार्टियों के साथ मिल कर संसद में एक संयुक्त मोर्चा खोलने का निर्णय लिया है।
राव ने कहा, "हमने भाकपा (भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी) नेता ए.बी.बर्धन से मुलाकात की थी और इन मुद्दों पर चर्चा की थी। हम माकपा (मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी) महासचिव प्रकाश करात से भी मिलेंगे।"
आंध्र प्रदेश इस बांध के निर्माण का विरोध करता रहा है। उसका आरोप रहा है कि महाराष्ट्र सरकार का यह कदम जल बंटवारे से जुड़े समझौते का उल्लंघन और आंध्र प्रदेश के हितों के विरुद्ध है।
इस मसले पर विचार के लिए पिछले सप्ताह आंध्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी परंतु तेदेपा इस बैठक में शामिल नहीं हुई थी।
बाभली बांध को लेकर पिछले दिनों नायडू अपने 74 सहयोगियों के साथ परियोजना स्थल की ओर बढ़ रहे थे उसी दौरान उन्हें महाराष्ट्र पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इस पूरे प्रकरण पर दोनों राज्यों में हाल के दिनों में काफी तनाव देखा गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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