भोपाल गैस त्रासदी की जांच के लिए आयोग बनेगा : शिवराज
विधानसभा में कांग्रेस द्वारा गैस त्रासदी को लेकर लाए गए स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान चौहान ने सोमवार को कहा कि हादसे के बाद तत्कालीन प्रदेश सरकार ने जांच के लिए एन. के. सिंह की अध्यक्षता में एक सदस्यीय आयोग बनाया था, मगर तत्कालीन केंद्रीय मंत्रिमंडल की राजनीतिक समिति की सिफारिश पर आयोग को एक साल बाद ही खत्म कर दिया गया था।
उन्होंने कहा कि तत्कालीन केंद्र सरकार नहीं चाहती थी कि हादसे के कारणों का खुलासा हो। यही कारण था कि आयोग को एक साल बाद ही भंग कर दिया गया। इतना ही नहीं आयोग ने एक साल के भीतर क्या किया इसका कहीं कोई रिकार्ड उपलब्ध नहीं है।
चौहान ने आयोग को खत्म करने के लिए तत्कालीन मुख्य सचिव के. सी. एस. आचार्य द्वारा लिखे गए खत को भी विधानसभा में पढ़कर सुनाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नए आयोग का गठन करेगी, जो यह जांच करेग कि हादसा कैसे हुआ, सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और इसके लिए कौन-कौन जिम्मेदार थे। यह आयोग कब से काम शुरू करेगा, इसका अध्यक्ष कौन होगा तथा इसका कार्यकाल कितना होगा, इसका खुलासा नहीं किया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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