दिल्ली उच्च न्यायालय ने छात्र के दाखिले का आदेश दिया
छात्र के आवेदन को यह कह कर रद्द कर दिया गया था कि वह राज्य द्वारा संचालित या सहायता प्राप्त किसी विद्यालय से उत्तीर्ण नहीं है।
अदालत ने कहा है कि दिल्ली सरकार द्वारा संचालित दक्षिणी दिल्ली के सिविल लाइन इलाके में स्थित राजकीय प्रतिभा विकास विद्यालय का आदित्य गौर का दाखिला लेने से इंकार करना भेदभावपूर्ण है। इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
आदित्य करोल बाग इलाके का रहने वाला है। विद्यालय ने उसका दाखिला लेने से इंकार करते हुए कहा था कि दिल्ली विश्वविद्यालय के केंद्रीय शिक्षा संस्थान (सीआईई) के प्रायोगिक बेसिक विद्यालय हमारे दोनों में से किसी भी नियम पर खरा नहीं उतरता है। आदित्य ने यहां से कक्षा आठवीं उत्तीर्ण की थी।
इसके बाद आदित्य ने इस मामले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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