अखिल भारतीय न्यायिक सेवा पर आम सहमति नहीं : मोइली
पणजी, 25 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री एम.वीरप्पा मोइली ने रविवार को यहां कहा कि अखिल भारतीय न्यायिक सेवा के गठन पर सहमति अभी नहीं बन पाई है।
मोइली ने कहा, "अखिल भारतीय न्यायिक सेवा के तहत सर्वोत्तम प्रतिभाओं को न्यायिक सेवा की ओर आकर्षित करने की कोशिशें करना हैं। लेकिन अभी तक इस पर आम सहमति नहीं बन पाई है।"
मोइली ने कहा कि इस मुद्दे पर एक दस्तावेज तैयार किया जाएगा और आम सहमति बनाने के लिए इस पर समाज के हर वर्ग से सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे।
मोइली यहां न्यायिक प्रक्रिया में सुधार पर 13वें वित्त आयोग की सिफारिशों के क्रियान्वयन की क्षेत्रीय समीक्षा बैठक में बोल रहे थे।
मोइली ने 13वें वित्त आयोग द्वारा आवंटित 10,000 करोड़ रुपये से निचली अदालतों के लिए अधोसंरचना सुधार का भी वादा किया।
मोइली ने कहा, "राज्यों से कहा गया है कि वे और पारिवारिक अदालतें और ग्राम न्यायालय स्थापित करें। न्याय में तेजी लाने के लिए उच्च न्यायालयों में ब्रिटेन की तर्ज पर व्यावसायिक अदालतें स्थापित की जाएंगी।"
मोइली ने कहा कि एक संसदीय समिति व्यावसायिक अदालतों के लिए कानून बनाने को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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