बड़ा खतरा बन गया है लश्कर : मुलेन (लीड-1)
अमेरिकी दूतावास में मुलेन ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा कि लश्कर-ए-तैयबा के कार्यकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की आवश्यकता है। समाचार पत्र 'डेली टाइम्स' के अनुसार मुलेन ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा अफगानिस्तान और अन्य देशों में भी अपना विस्तार कर रहा है।
मुलेन ने अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन और अन्य आतंकवादियों के पाकिस्तान में होने संबंधी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के बयान का भी समर्थन किया।
उन्होंने कहा, "वे एक बहुत सुरक्षित स्थान पर हैं और उनका पता लगाना बहुत कठिन है। पाकिस्तान के पश्चिमोत्तर का कबायली इलाका अलकायदा का मुख्यालय बन गया है।"
मुलेन ने कहा कि पाकिस्तान सरकार ने हक्कानी के गिरोह के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। अफगानिस्तान में अंतर्राष्ट्रीय सेनाओं के खिलाफ हक्कानी गुट ही सबसे अधिक सक्रिय रहा है।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में पाकिस्तान और अमेरिका बहुत मजबूत साझेदार हैं और पाकिस्तान को मदद और सहयोग बढ़ाने की अमेरिका की इच्छा है।
अफगानिस्तान से अमेरिकी फौजों की वापसी की संभावना पर मुलेन ने कहा कि यह अभियान का अंत नहीं है। यह एक प्रक्रिया की शुरुआत होगी। अमेरिकी सेना अफगानिस्तान में शांति कायम होने तक रुकेगी।
पाकिस्तान और अमेरिका की खुफिया एजेंसियों के बीच अविश्वास के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस दिशा में सुधार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि जनरल कयानी के सेवा विस्तार में अमेरिका की कोई भूमिका नहीं है। पाकिस्तान में कहीं भी अमेरिकी सैनिक गुप्त रूप से मौजूद नहीं हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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