टीआरएस प्रमुख व एक मंत्री को निर्वाचन आयोग का नोटिस
नई दिल्ली, 25 जुलाई (आईएएनएस)। निर्वाचन आयोग ने तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के प्रमुख के.चंद्रशेखर राव और आंध्र प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कोमाती रेड्डी वेंकट रेड्डी को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में रविवार को नोटिस जारी किया।
निर्वाचन आयोग के अनुसार राज्य की 10 सीटों के लिए उप चुनाव की घोषणा 21 जून को और अन्य दो सीटों के लिए उपचुनाव की घोषणा पहली जुलाई को की गई थी। तभी से ही आदर्श आचार संहिता लागू है। उसके बाद से सरकारी अधिकारी और उम्मीदवार जनता के लिए चुनावी वादे नहीं कर सकते।
उपचुनाव के लिए मतदान 27 जुलाई को होगा और मतगणना तीन अगस्त को होगी।
आयोग ने कहा है कि उसे रेड्डी का एक वीडियो प्राप्त हुआ है। वीडियो में वह 21 जुलाई को सिरपुर विधानसभा क्षेत्र के कुंचावल्ली गांव में चुनाव प्रचार के दौरान वादा कर रहे हैं कि वह सड़क, सिंचाई से संबंधित सभी समस्याओं को ठीक कर देंगे। रेड्डी खेल और युवा मामलों के मंत्री भी हैं।
उन्होंने यह भी वादा किया है कि ये सभी परियोजनाएं साल भर के भीतर पूरा कर दी जाएंगी।
आयोग की ओर से यहां जारी एक बयान में कहा गया है, "आयोग की राय में इन वादों के जरिए आपने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है।"
आयोग ने रेड्डी से 26 जुलाई तक इस सवाल का जवाब देने के लिए कहा है कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।
बयान में कहा गया है, "यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई जवाब नहीं प्राप्त हुआ तो यह माना जाएगा कि आपके पास कहने के लिए कुछ नहीं है और आयोग आपको और कोई सूचना दिए बगैर उचित कार्रवाई करेगा।"
आयोग ने टीआरएस प्रमुख को राज्य की गृह मंत्री सबिता इंदिरा रेड्डी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने और मतदाताओं से यह कहने के लिए कि कांग्रेस और अन्य पार्टियों से शराब और पैसा लो, लेकिन उन्हें वोट मत दो, नोटिस जारी किया है।
आयोग ने कहा है कि इससे न केवल आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है, बल्कि इससे भ्रष्ट आचरणों को बढ़ावा भी मिलता है, जो कि एक चुनावी अपराध है।
टीआरएस प्रमुख को अपना पक्ष रखने के लिए 26 जुलाई तक का समय दिया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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