अमित शाह का इस्तीफा, कांग्रेस ने नाकाफी बताया (राउंडअप)
राष्ट्रीय विकास परिषद की 55वीं बैठक में हिस्सा लेने आए मोदी ने शाह के इस्तीफा की जानकारी देते हुए कहा, "अमित शाह ने अपना इस्तीफा मेरे बंगले पर पहुंचा दिया है। मैं गुजरात लौटने के बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी करूंगा।"
उन्होंने अमित शाह को पूरी तरह निर्दोष बताया और कहा कि कांग्रेस सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है। मोदी ने कहा, "अमित शाह पूरी तरह निर्दोष हैं। उन पर लगाए गए आरोप मनगढ़ंत हैं। हमें न्याय व्यवस्था में पूरा भरोसा है। हम कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।"
मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने शाह को फंसाने का षड़यंत्र रचा है। उन्होंने कहा, "गुजरात में वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सोहराबुद्दीन को 'नेशनल हीरो' के रूप में प्रस्तुत किया। परंतु राज्य की जनता ने कांग्रेस को जवाब दे दिया। अब कांग्रेस उसी का बदला लेने के लिए अमित शाह को फंसा रही है।"
अहमदाबाद से मिली जानकारियों के मुताबिक सीबीआई शाह को खोज रही है जो गुरुवार से फरार हैं। अहमदाबाद के मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने शुक्रवार को शाह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
इस बीच इस्तीफे को नाकाफी बताते हुए कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि शाह और कई पुलिस अधिकारियों पर हत्या, जबरन वसूली और अपहरण का आरोप है, "यह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का असली चेहरा है जो जनता के सामने आ गया है।"
"इस्तीफा नाकाफी और देर से लिया गया निर्णय है। प्रकरण को कई दिनों और हफ्तों तक खींचने और विरोध करने के बाद यह इस्तीफा दिया गया है। यहां कोई पछतावा या कोई स्वीकारोक्ति नहीं है। भारतीय जनता पार्टी के नेता और नरेंद्र मोदी अब भी इनका समर्थन कर रहे हैं।"
केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने भाजपा के सीबीआई के दुरुपयोग संबंधी बयान पर कहा कि पार्टी को इस मामले को तब उठाना चाहिए था जब जनवरी में यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में लाया गया था।
कांग्रेस के महासचिव बी. के. हरिप्रसाद ने कहा कि मोदी को सीबीआई की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है यह जांच सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशन में हो रही है।
हरिप्रसाद ने कहा, "सीबीआई पर हमला करके भाजपा सर्वोच्च न्यायालय पर हमला कर रही है। सीबीआई सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशन में जांच कर रही है और मोदी सर्वोच्च न्यायालय के खिलाफ बोल रहे हैं।"
मोदी के करीबी माने जाने वाले शाह पर सोहराबुद्दीन की 'फर्जी मुठभेड़' में शामिल पुलिसकर्मियों को इसके लिए निर्देश देने का आरोप है।
राज्य पुलिस का दावा है कि सोहराबुद्दीन लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी था। गुजरात के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने सोहराबुद्दीन को 26 नवंबर 2005 को एक कथित मुठभेड़ में मार गिराया था। उसकी पत्नी कौसर बी तभी से लापता है।
इस वर्ष 12 जनवरी को सर्वोच्च न्यायालय ने इस मुठभेड़ में शामिल गुजरात और राजस्थान के पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया था। इस संबंध में इसी साल एक फरवरी को मामला दर्ज किया गया था। अब तक इस मामले में 15 पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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