बेटे की हत्या मामले में न्याय चाहता है ब्रिटिश नागरिक
विशाल गुलाटी
धर्मशाला, 24 जुलाई (आईएएनएस)। वर्ष 2006 में यहां मारे गए एक ब्रिटिश सामाजिक कार्यकर्ता के पिता ने न्याय की गुहार की है। घटना के चार वर्ष बाद भी पुलिस मामले की गुत्थी नहीं सुलझा पाई है। ब्रिटिश पिता ने कहा कि भारतीय जांचकर्ताओं द्वारा जांच की खबरें आती रही हैं, लेकिन अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया है।
उधर पुलिस का कहना है कि ब्रिटिश सरकार सहयोग नहीं कर रही है।
आईएएनएस द्वारा 18 जुलाई को 'ब्रिटिश नागरिक हत्या मामले में पूछताछ फिर शुरू' शीर्षक वाली एक रिपोर्ट जारी किए जाने के बाद बीबीसी के साथ एक साक्षात्कार में पीड़ित के पिता पॉल ब्लैकी ने कहा, "उसकी मौत के बाद से अभी तक किसी को दोषी नहीं ठहराया गया, लेकिन भारत से आ रही खबरों से पता चलता है कि पुलिस लोगों से फिर पूछताछ कर रही है।"
पॉल ने बीबीसी से कहा कि वह मामले का कोई अंतिम निष्कर्ष चाहते हैं। उन्होंने कहा, "हत्यारा अभी भी फरार है और मुझे हत्यारे के करीब पहुंचने जैसे शब्दों से घृणा हो गई है। मैं चाहता हूं कि इन जांचों का कोई निष्कर्ष सामने आए।"
पॉल ने कहा, "यह परेशान करने वाली बात है कि जांच को लेकर इस तरह की खबरें आती रही हैं, लेकिन उनसे कोई लाभ नहीं हुआ है। जांच का कोई भी परिणाम सामने नहीं आया है।"
एक भारतीय सामाजिक संस्था से जुड़े ब्लैकी को नवंबर 2006 में पीट-पीट कर मार डाला गया था। उसका शव एक पुराने ब्रिटिश कब्रिस्तान के पास से बहने वाले एक नाले में चट्टान के नीचे दबा हुआ पाया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से इस बात की पुष्टि हुई थी कि उसकी पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी।
हत्या के चार वर्ष बाद पॉल अब जांच संबंधी किसी सूचना के लिए भारतीय मीडिया रिपोर्टो पर निर्भर हैं।
पॉल ने कहा, "इंग्लैंड में तो यह मामला बंद हो चुका है, इसलिए मैं इस बात की प्रशंसा करता हूं कि कम से कम भारत से इस बारे में कुछ सूचनाएं तो मिलती हैं।"
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें भरोसा है कि पुलिस हत्यारे को पकड़ लेगी, पॉल ने कहा, "मैं समझता हूं कि घोड़े के भागने के लंबे समय बाद अस्तबल का दरवाजा बंद किया गया है। सभी कोशिशें बेकार साबित हुई हैं। मुझे पूरा संदेह है कि पुलिस हत्यारे को पकड़ पाएगी।"
मामले की जांच कर रहे पुलिस उपाधीक्षक दिनेश शर्मा ने आईएएनएस से कहा, "ब्लैकी के धर्मशाला प्रवास के दौरान जो लोग उससे परिचित थे या उससे जुड़े रहे, हमने उन लोगों से फिर से पूछताछ शुरू की है।"
शर्मा ने कहा, "15 से अधिक लोगों से दोबारा पूछताछ की गई है। अभी कुछ और लोगों से पूछताछ की जाएगी। हम प्रमुख संदिग्ध पवन भारद्वाज के खिलाफ कोई भी एक सबूत तलाशने की कोशिश कर रहे हैं।"
पुलिस को संदेह है कि ब्लैकी की सहयोगी रचेल ओवेन का पति पवन भारद्वाज इस हत्याकांड में शामिल रहा है।
हत्या के कुछ दिनों बाद पवन को गिरफ्तार किया गया था और उससे कई दिनों तक पूछताछ की गई थी, लेकिन बगैर किसी आरोप के बाद उसे बरी कर दिया गया था। उसके बाद वह अपनी पत्नी के साथ स्कॉटलैंड चला गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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