नक्सली इलाकों में समग्र विकास योजना की जरूरत : प्रधानमंत्री
राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा, "देश के सीमांत वर्गो खासकर वाम चरमपंथ से प्रभावित इलाकों में रह रहे लोगों की समस्याएं दूर करने के लिए विशेष ध्यान देने की जरूरत है।"
उन्होंने कहा कि इन पिछड़े इलाकों में विकास के लिए मजबूत प्रयास किए जाएं। प्रधानमंत्री ने कहा, "इन पिछड़े और निर्धन खासकर आदिवासी जनसंख्या वाले इलाकों में में हमारी विकास योजनाएं ठीक तरह काम नहीं कर रही हैं।"
उन्होंने कहा कि सरकार आदिवासियों को समाज की मुख्यधारा में लाना चाहती है। 'आदिवासी' शब्द के अनुरूप ये लोग इन क्षेत्रों के मूल निवासी हैं और इनके अधिकारों का पूर्ण संरक्षण होना चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि इस बात में कोई शक नहीं कि नक्सल समस्या से निपटने की जरूरत है और इससे राज्यों और केंद्र सरकार के बीच आपसी समन्वय से निपटा जाएगा।
उन्होंने हालांकि यह भी कहा, "हम बेहतर प्रशासन के जरिए लोगों की भागीदारी और रोजगार बढ़ाना चाहते हैं। कानूनों (वन अधिकार और पंचायती राज अधिनियम) को लागू करने में असफलता से इन इलाकों में विकास करने के हमारे प्रयासों की विश्वसनीयता कम हुई है।"
उन्होंने कहा, "मैंने योजना आयोग को प्रदेशों और हितग्राहियों से विचार-विमर्श करके इन इलाकों में समग्र विकास के लिए योजना बनाने के लिए कहा है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications