बिहार : नीतीश सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरा विपक्ष (राउंडअप)

लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के 11 विधायकों ने तो विधानसभा अध्यक्ष पर 'पक्षपातपूर्ण व्यवहार' का आरोप लगाते हुए इसके विरोध में तथा कथित वित्तीय घोटाले में शामिल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ आंदोलन को तेज करने के लिए पार्टी को अपने इस्तीफे सौंप दिए।

कांग्रेस ने बुधवार को विधानसभा को जल्द भंग कराने की मांग पर जोर देने के लिए सभी विपक्षी विधायकों से सामूहिक रूप से इस्तीफा देने का अनुरोध किया था। ये 11 विधायक उन 67 विधायकों में शामिल हैं जिन्हें बुधवार को निलंबित किया गया था। विधायकों ने अपने इस्तीफे लोजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस को सौंपे।

पार्टी अध्यक्ष रामविलास पासवान से चर्चा के बाद पारस विधायकों के इस्तीफे को विधानसभाध्यक्ष उदय नारायण चौधरी को सौंपेंगे।

इसी बीच, सभी विपक्षी दलों के नेताओं ने राजभवन मार्च किया तथा राज्यपाल से मिलकर नीतीश सरकार को बर्खास्त करने की मांग की।

बिहार विधानसभा से निकला विधायकों का यह मार्च राजभवन गया, जहां राज्यपाल से मिलकर उन्हें सभी विधायकों के हस्ताक्षरयुक्त एक ज्ञापन सौंपे। इस मार्च में राजद के बिहार इकाई के अध्यक्ष अब्दुल बारी सिद्दीकी, लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस समेत वामपंथी दलों के विधायक शामिल थे।

राज्यपाल से मुलाकात करने के बाद सिद्दीकी ने पत्रकारों को बताया कि ज्ञापन में कहा गया है कि विधानसभा अध्यक्ष मुख्यमंत्री के इशारे पर काम कर रहे हैं जो संवैधानिक रूप से ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि पटना उच्च न्यायालय ने वितीय अनियमितता की जांच केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से करवाने का आदेश दिया है और इस सरकार के रहते निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती। इस कारण सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाना चाहिए।

सिद्दीकी ने कहा, "राज्यपाल ने आश्वासन दिया है कि वे ज्ञापन देखकर इस पर विधि सम्मत कार्रवाई की करेंगे।"

इसके अलावा पटना सिटी में राजद कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री का अर्थी जुलूस निकाला और दोनों का पुतला जलाया।

विपक्षी सदस्यों की अनुपस्थिति में विधानसभा के मानसून सत्र में लगातार तीन दिन के हंगामे के बाद सदन शांतिपूर्ण ढंग से चली। बुधवार को विपक्ष के 67 विधायकों को वर्तमान सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया था।

विधानसभा में राजद के दो विधायक विधानसभा में जाने का प्रयास कर रहे थे परंतु उन्हें नहीं जाने दिया गया। विधानसभा भवन के गेट पर ही निलंबित विधायकों की सूची लगा दी गई है। विधानसभा में विपक्ष की अनुपस्थिति में वित्तीय कार्यो को निपटाया गया वहीं कुछ सरकारी कार्य भी संपन्न हुए।

इस बीच, छात्र राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने नीतीश कुमार के इस्तीफे सहित अन्य मांगों को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्र आर ब्लॉक के पास जमा हो गए और विधानसभा की तरफ जाने लगे।

आर ब्लॉक के गेट को भी छात्रों ने तोड़ दिया तथा विधानसभा की ओर बढ़ने लगे। पुलिस के अनुसार इसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया तथा प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी के फव्वारे तथा आंसू गैस के गोले दागे।

इधर, प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि पुलिस के लाठी चार्ज में प्रदेश छात्र अध्यक्ष स्वदेश कुमार सहित 10 से ज्यादा छात्र घायल हुए हैं। प्रदर्शन कर रहे बक्सर जिला छात्र राजद के अध्यक्ष अजय सिंह कुशवाहा ने बताया कि पुलिस की इस बर्बरतापूर्ण कार्रवाई के खिलाफ पूरे राज्य में आंदोलन किया जाएगा।

ज्ञात हो कि राज्य में कथित 'ट्रेजरी घोटाले' को लेकर मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले दो दिनों से विधानसभा में सता और विपक्ष के विधायक आमने सामने आ गए थे। मंगलवार को जहां दोनों पक्ष में हाथापाई हुई तथा कुर्सीयां चली। इस दौरान कई विधायक घायल भी हुए। बुधवार को भी हंगामा नहीं थमा तब विपक्ष के 67 विधायकों को निलंबित कर दिया गया।

बिहार में विकास कार्यो में कथित वित्तीय अनियमितता को लेकर पटना उच्च न्यायालय द्वारा इसकी जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बाद विपक्ष मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+