चीन ने यूरेनियम की कम खपत वाला रिएक्टर बनाया
यह रिएक्टर चीन ने स्वदेशी प्रौद्योगिकी के आधार पर निर्मित किया है और इसमें चौथी पीढ़ी की प्रौद्योगिकी का उपयोग किया गया है जिससे रिएक्टर में ईंधन का अधिकतम उपयोग होता है और लागत में कमी आती है।
'चाइना डेली' समाचार पत्र के मुताबिक इस रिएक्टर के तैयार होने पर ऊर्जा के लिए चीन की विदेशी ईंधन पर निर्भरता में कमी आएगी।
फास्ट रिएक्टर परियोजना के महानिदेशक जेंग दोंगहुई ने कहा, "इस रिएक्टर से चीन में उपलब्ध यूरेनियम संसाधनों से 1,000 साल तक ऊर्जा प्राप्त की जा सकती है जबकि मौजूदा रिएक्टरों के लिए इनकी उपलब्धता केवल 100 साल के लिए थी।"
इस रिएक्टर की स्थापना 2.5 अरब युआन (36.9 करोड़ डॉलर) की लागत से की गई है। इसके बाद चीन इस तकनीक में पूर्णत: विशेषज्ञता प्राप्त आठ देशों में शामिल हो गया है।
चीन के परमाणु ऊर्जा संस्थान के प्रमुख झाव झिक्शियांग ने कहा, "चीन के परमाणु कार्यक्रम के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
चीन में भूविज्ञान अकादमी के शोधकर्ता यान कियांग ने कहा कि चीन में फिलहाल 750 टन यूरेनियम का उत्पादन हो रहा है। वर्ष 2015 तक इसकी मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर 10,000 टन और 2030 तक यह अंतर 30,000 टन हो जाएगा।
यान ने कहा कि देश में ऊर्जा की मांग को पूरा करने और स्वच्छ ऊर्जा पर जोर दिए जाने के कारण परमाणु ऊर्जा की मांग में भारी बढ़ोतरी होगी।
चीन वर्ष 2020 तक 7.5 करोड़ किलोवॉट ऊर्जा के उत्पादन के लिए 60 नए परमाणु रिएक्टर लगाने जा रहा है।
चीन अपने प्रस्तावित परमाणु रिएक्टरों के लिए यूरोनियम का संग्रह करने के लिए इस साल 5,000 टन यूरेनियम का आयात कर रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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