नेपाल में प्रधानमंत्री पद के लिए मैराथन चुनाव प्रक्रिया
काठमांडू, 22 जुलाई (आईएएनएस)। नेपाल में बुधवार को प्रधानमंत्री पद के लिए हुए चुनाव में किसी भी उम्मीदवार को बहुमत नहीं मिलने के बाद शुक्रवार को होने वाला चुनाव किसी उम्मीदवार को आवश्यक वोट मिलने तक जारी रहेगा।
बुधवार को प्रधानमंत्री पद के लिए हुए मतदान में दोनों उम्मीदवार- माओवादी पार्टी के अध्यक्ष पुष्प कमल दहाल 'प्रचंड' और नेपाली कांग्रेस (एनसी) के रामचंद्र पौडयाल आवश्यक बहुमत हासिल करने में विफल रहे।
संसद की 25 में से आधी पार्टियों ने बुधवार को दोनों उम्मीदवारों पर राष्ट्रीय हित की कीमत पर सत्ता हासिल करने का प्रयास करने का आरोप लगाया और वे मतदान से अनुपस्थित रहीं।
सत्ता की कुंजी जिन पार्टियों के हाथ में हैं अगर उनको यह महसूस हुआ कि दोनों दल पार्टीगत हितों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय सरकार के निर्माण के लिए तैयार नहीं हैं तो शुक्रवार को भी वही इतिहास दोहराया जा सकता है।
प्रचंड और पौडयाल के 601 सदस्यीय संसद में आधे वोट हासिल करने में विफलता के बाद संसदीय सचिवालय ने कहा कि चुनाव बहिष्कार में शामिल पार्टियों का समर्थन हासिल करके किसी उम्मीदवार के साधारण बहुमत पाने में कामयाब होने तक चुनाव की प्रक्रिया जारी रहेगी।
गुरुवार को दोनों उम्मीदवारों ने बहुमत का समर्थन हासिल करने का दावा किया लेकिन यह खोखला साबित हो सकता है।
माओवादी पार्टी के 236 सांसद हैं और बुधवार को प्रचंड को इससे केवल छह वोट अधिक मिले। वर्ष 2008 में प्रचंड को 20 पार्टियों का समर्थन और 464 वोट मिले थे।
नेपाली कांग्रेस के 114 सांसद हैं और उसे केवल 10 वोट अधिक मिले।
नेपाल के कम्युनिस्ट या मधेशी समूह शुक्रवार के चुनाव को बना या बिगाड़ सकते हैं। कम्युनिस्ट पार्टी के पास 109 सांसद हैं और उसके उम्मीदवार ने बुधवार को अपना दावा वापस ले लिया।
तराई की पार्टियों के पास 82 सांसद हैं और वे पहले माओवादी तथा बाद में नेपाली कांग्रेस के गठजोड़ वाली सरकारों का समर्थन कर चुके हैं।
इस बात का अंदाजा लगाना कठिन है कि कम्युनिस्ट किस करवट बैठेंगे।
यह आश्चर्यजनक है कि पहले माओवादियों का समर्थन कर चुके 10 छोटे दलों ने उनका समर्थन नहीं किया और मतदान से अनुपस्थित रहे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications