'वाइब्रेंट गुजरात' में सहयोगी बना कनाडा
गुरमुख सिंह
टोरंटो, 22 जुलाई (आईएएनएस)। कनाडा ने अगले साल 'वाइब्रेंट गुजरात' निवेश सम्मेलन का एक सहयोगी देश बनने की घोषणा की है।
वर्ष 2003 से प्रवासी भारतीय दिवस के तुरंत बाद हर दो साल में 'वाइब्रेंट गुजरात' सम्मेलन का आयोजन होता है। विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए यह आयोजन होता है।
गुजरात के उद्योग मंत्री सौरभ पटेल को लिखे एक पत्र में नई दिल्ली स्थित कनाडाई उच्चायोग ने कहा है कि कनाडा ने 'वाइब्रेंट गुजरात 2011' का सहयोगी बनने का आमंत्रण स्वीकार कर लिया है।
कनाडा के इस निर्णय को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वर्ष 2002 के गुजरात दंगों के बाद अमेरिका और ब्रिटेन जैसे प्रमुख पश्चिमी देश गुजरात के साथ कोई समझौता करने से परहेज कर रहे थे। अमेरिका ने तो मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की दंगों में कथित भूमिका के कारण वर्ष 2005 में उनका वीजा तक रद्द कर दिया था।
अहमदाबाद में कनाडाई वाणिज्य कार्यालय शुरू होने के एक साल के अंदर सहयोग का यह निर्णय सामने आया है। यह कार्यालय भारत के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत बनाने की दृष्टि से पिछले साल शुरू किए गए तीन कार्यालयों में से एक है।
कनाडा और गुजरात के बीच व्यापार संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे विनीपेग में कार्यरत गुजराती व्यापारी हेमंत शाह ने आईएएनएस को बताया, "कनाडा ने यह महसूस किया है कि गुजरात भारत में व्यापार करने का मुख्य केंद्र है। यह गुजरात के लिए बहुत बड़ी बात है और मुझे विश्वास है कि कई कनाडाई कंपनियां बुनियादी सुविधाओं, शिक्षा, ऊर्जा, परिवहन, एगरो-फूड और स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में राज्य द्वारा दिए जा रहे अवसरों का लाभ उठाएंगी।"
कनाडा 12-13 जनवरी को आयोजित होने वाले 'वाइब्रेंट गुजरात' सम्मेलन में शीर्ष वाणिज्य अधिकारियों और साथ ही साथ प्रमुख कंपनियों को पेश कर सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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