आधी सहायता राशि अफ़ग़ान सरकार के ज़रिए मिलेगी

आधी सहायता राशि अफ़ग़ान सरकार के ज़रिए मिलेगी

अफ़ग़ानिस्तान पर काबुल में हुए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में इस बात पर सहमति जताई गई है कि विकास कार्यों के लिए दिए जाने वाली राशि का 50 फ़ीसदी हिस्सा सीधे अफ़ग़ान सरकार के ज़रिए दिया जाएगा.

फ़िहलाल केवल 20 फ़ीसदी सहायता राशि सरकार के ज़रिए जाती है. अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई काफ़ी समय से कोशिश कर रहे थे कि ये हिस्सा बढ़ाया जाए.

सम्मेलन के समापन पर हामिद करज़ई ने कहा है कि सभी प्रतिनिधियों ने सुशासन और विकास के प्रति वचनबद्धता जताई है ताकि मेलमिलाप और शांति कायम की जा सके.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव के साथ संयुक्त पत्रकार वार्ता में अफ़ग़ान राष्ट्रपति ने कहा कि वो चाहते हैं कि अफ़ग़ान सैनिक 2014 आते-आते देश की सुरक्षा स्वयं करने लगें.

उन्होंने माना कि अफ़ग़ानिस्तान अभी तक लोगों को बेहतर शासन देने का लक्ष्य पूरा नहीं कर पाया है.लेकिन भ्रष्टाचार के लिए उन्होंने विदेशी सुरक्षा कंपनियों को ज़िम्मेदार ठहराया.

हामिद करज़ई ने कहा कि अफ़गानिस्तान और उसे समर्थन दे रहे देशों के समक्ष एक ख़तरनाक दुश्मन है हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर तालिबान का नाम नहीं लिया.

इस सम्मेलन में अफ़गानिस्तान में भ्रष्टाचार, सुरक्षा, विकास और प्रशासन के मुद्दों पर चर्चा हुई जिसमें भारत और पाकिस्तान समेत 70 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.

अमरीका ने कहा 2011 है समयसीमा

सम्मेलन में हिस्सा लेने आईं अमरीका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि अफ़ग़ान सरकार कई चुनौतियों से निपटने की कोशिश तो कर रही है लेकिन अभी काफ़ी काम किया जान बाकी है.

हिलेरी का कहना था, “राष्ट्रपति ओबामा चाहते हैं कि हालात के जायज़े के बाद जुलाई 2011 तक अफ़ग़ान सुरक्षाकर्मियों को ज़िम्मा सौंप दिया जाए. ये समयसीमा दर्शाती है कि अमरीका इस ओर कितना गंभीर है.”

इस मौके पर ब्रितानी विदेश मंत्री विलियम हेग ने कहा कि अफ़ग़ान सुरक्षाकर्मियों को ज़िम्मेदारी सौंपने का काम उनकी क्षमता को देखकर करना होगा लेकिन ये जल्द शुरु हो जाना चाहिए.

वहीं संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने अपने भाषण में कहा कि अफ़ग़ानिस्तान के भविष्य पर ये सबसे ठोस दृष्टि है.

जबकि नैटो के महासचिव का कहना था कि अफ़ग़ानिस्तान में जारी अभियान एक ज़रूरत है न कि वैकल्पिक. उन्होंने कहा कि जब तक वहाँ काम ख़त्म नहीं हो जाता तब तक सैनिक वहाँ रहेंगे.

टीकाकारों का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान के ज़्यादातर हिस्सों में अब भी विद्रोही सक्रिय है और इसे देखकर कहा जा सकता है कि सुरक्षा ज़िम्मेदारी को लेकर करज़ई का लक्ष्य बहुत महत्वाकांक्षी है.

तालिबान कहता रहा है कि जब तक विदेशी सैनिक अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद हैं तब तक वो लड़ता रहेगा.

इस सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारतीय विदेश मंत्री भी काबुल में हैं. उन्होंने आश्वस्त किया है कि भारत के हितों और वहां काम कर रहे भारतीय नागरिकों की रक्षा की जाएगी.

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+