पिता ने बेच दिया था, रेल हादसे में हुआ जख्मी
भिखारी अशरफुल को रांची ले जा रहा था लेकिन पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में हुई रेल दुर्घटना में उसकी मौत हो गई। अशरफ मालदा जिले के शामसी के निवासी इंतेजाब का बड़ा बेटा है।
सूरी जिला अस्पताल में भर्ती अशरफुल ने कहा, "मेरे पिता बहुत गरीब हैं। मेरे दो भाई हैं। कड़ी मेहनत के बावजूद हम दो वक्त का खाना मुश्किल से जुटा पाते हैं। "
सोमवार को हुए रेल हादसे में अशरफ का दायां पैर टूट गया है और उसे हाथ और चेहरे पर कई चोटें आई हैं।
उसने बताया, "मेरे पिता ने मुझे सेगर अली को बेच दिया था। वह अंधा था, मुझे नहीं पता कि इससे मेरे पिता को कितना पैसा मिला। सेगर मुझे अपने घर रांची ले जा रहा था जहां वह मुझसे भीख मंगवाना चाहता था।"
अशरफुल ने कहा, "लेकिन उसकी मौत हो गई है। मैं नहीं जानता कि अब मैं क्या करूंगा।"
रेलवे के दो अधिकारियों ने मंगलवार को अस्पताल का दौरा किया और वे अशरफ को 25,000 रुपये का मुआवजा देने पहुंचे लेकिन वे अशरफ की मुश्किलों का अंत नहीं कर सके।
कम उम्र होने के कारण इस रकम को उसके रिश्तेदारों को ही दिया जा सकता है।
अशरफुल ने कहा, "मैंने उन्हें मेरे पिता का मोबाइल नंबर दिया वह यहां पैसा लेने आने के लिए तैयार थे। मैंने रेलवे अधिकारियों को अपनी दुर्दशा बताई।"
अधिकारियों ने अशरफ से कहा कि यदि उसके पिता ने उसे बेचा है तो वे उसे पैसा नहीं देंगे यह पैसा वे उसकी मां को देंगे। अशरफ ने बताया कि अब पैसा मिलने में और देर होगी।
सोमवार तड़के हुई दुर्घटना में उत्तरबंगा एक्सप्रेस ने वनांचल एक्सप्रेस को टक्कर मार दी इस भीषण दुर्घटना में 63 लोग मारे गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications