भारत ने पाक को आतंकी-सत्ता प्रतिष्ठान गठजोड़ की याद दिलाई (लीड-2)
पाकिस्तान का नाम लिए बिना राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने कहा कि इस गठजोड़ ने भारत के सामने आशावादी होने का कोई मौका नहीं छोड़ा है क्योंकि यह गठजोड़ और मजबूत हो रहा है।
आतंकवाद पर एक सम्मेलन में मेनन ने कहा, "हेडली से पूछताछ से आतंकवादियों और सत्ता प्रतिष्ठानों के बीच स्पष्ट संबंधों का खुलासा हुआ है। मौजूदा खुफिया एजेंसियों के साथ इस गठजोड़ से निपटना हमारे लिए कठिन है और यह जल्द नहीं टूटेगा।"
उन्होंने कहा कि भारतीय खुफिया एजेंसियों के पास सूचना है कि यह गठजोड़ मजबूत होता जा रहा है।
मेनन ने अपने एक संक्षिप्त संबोधन में कहा, "हेडली जांच मामले में हमारी आशंकाएं सही साबित हुईं और स्थिति इस कदर खराब है, जहां तक हम सोच सकते हैं।"
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि आशावादी होने के लिए बहुत कम अवसर हैं। दक्षिण एशिया में आतंकवादी गुटों के बीच का परंपरागत अंतर खत्म हो रहा है क्योंकि ये गुट विलय करके घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
मेनन ने कहा कि आतंकवादी संगठनों ने पिछले कुछ वर्षो से एक साथ प्रशिक्षण और समान संचार का उपयोग करना शुरू कर दिया है।
मेनन दूसरे शीर्ष भारतीय अधिकारी हैं जिन्होंने आतंकवादी समूहों को पाकिस्तानी में मिलने वाले सरकारी संरक्षण के बारे में कहा है।
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री जी.के.पिल्लै ने कहा था कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसिज इंटेलीजेंस (आईएसआई) ने मुंबई हमले में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि आईएसआई ने वास्तव में हमले की शुरुआत से लेकर अंत तक उसे नियंत्रित और समन्वित किया।
इस समय शिकागो जेल में बंद हेडली से भारतीय जांचकर्ताओं ने पिछले महीने पूछताछ की थी। जांचकर्ताओं में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनएआई) के अधिकारी भी शामिल थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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