भारतीय पत्रकार पर हॉलीवुड फिल्म
नई दिल्ली, 19 जुलाई (आईएएनएस)। 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' (डब्ल्यूएसजे) के लिए काम कर चुकीं पुलित्जर पुरस्कार विजेता भारतीय पत्रकार गीता आनंद की दो रिपोर्ट्स के आधार पर हॉलीवुड में एक फिल्म बन रही है।
गीता ने मांसपेशियों की बीमारी के चलते अपने दो बच्चों को खो चुके एक अमेरिकी पिता जॉन क्राउले की मानवीय दृष्टिकोण से लिखी गई रपट लिखी थी। बाद में उन्होंने एक और रपथ पेश की जिसमें बताया गया कि इस पिता ने किस तरह से इस बीमारी का इलाज ढूंढने के लिए एक कंपनी शुरू करने में संघर्ष किया। गीता की इन्हीं रपटों के आधार पर हॉलीवुड फिल्म 'एक्ट्राऑडिनरी मेजर्स' का निर्माण हो रहा है जबकि उन्होंने इस पर एक किताब 'द क्योर' भी लिखी है।
न्यूयार्क में रहने वालीं गीता दो साल पहले ही भारत लौटी हैं उन्होंने यहां आईएएनएस से कहा, "मैं डब्ल्यूएसजे में स्वास्थ्य और जैव प्रौद्योगिकी पर खबरें देती थी। मैंने क्राउले परिवार पर दो रपटे दीं। पहली रपट क्राउली के सदमे और दवा की खोज पर थी। यह एक छोटी रपट थी और अंदर के पृष्ठों पर प्रकाशित हुई।"
उन्होंने कहा कि दूसरी रपट थोड़ी ज्यादा तकनीकी थी। इसमें इस बीमारी से बचाने वाले एक एंजाइम को बनाने के लिए एक बायोटैक कंपनी शुरू करने में क्राउले के संघर्ष के संबंध में बताया गया था। मैंने 2001 में जॉन और एलीन क्राउले से मुलाकात के तीन साल बाद इस पर एक किताब लिखने का मन बनाया।"
गीता को कारपोरेट भ्रष्टाचार पर दी गईं उनकी रिपोर्ट्स के लिए 2002 का पुलित्जर पुरस्कार मिला था।
मुंबई में रह रहीं गीता ने बताया कि उन्होंने इस कहानी पर पांच साल तक शोध किया और 2009 में किताब पूरी की।
उनकी किताब का दिल्ली में जहां पिछले सप्ताह विमोचन हुआ, वहीं इन कहानियों पर आधारित हॉलीवुड फिल्म मार्च में प्रदर्शित होगी।
टॉम वॉन के निर्देशन में बन रही 'एक्ट्राऑर्डिनरी मेजर्स' में हैरीसन फोर्ड वैज्ञानिक रॉबर्ट स्टोनहिल की भूमिका में हैं। ब्रेंडैन फ्रैसर ने जॉन क्राउले की भूमिका की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
**












Click it and Unblock the Notifications