ब्रिटिश नागरिक हत्याकांड में पूछताछ फिर शुरू
विशाल गुलाटी
धर्मशाला, 18 जुलाई (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने धर्मशाला में चार वर्ष पहले हुई ब्रिटिश चैरिटी कर्मचारी माइकेल ब्लैकी की हत्या के मामले में पूछताछ फिर शुरू की है।
एक भारतीय चैरिटी से जुड़े ब्लैकी की हत्या नवंबर, 2006 में हुई थी। उनका शव एक पुराने ब्रिटिश कब्रिस्तान में बोल्डरों के नीचे दबा मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ कि उनकी मौत पिटाई से हुई थी।
मामले की जांच कर रहे पुलिस उपाधीक्षक दिनेश शर्मा ने आईएएनएस को बताया, "हमने उन लोगों से फिर पूछताछ शुरू की है जो ब्लैक के धर्मशाला में रहने के दौरान उसके संपर्क में थे।"
उन्होंने बताया, "गत सप्ताह 15 से अधिक लोगों से दोबारा पूछताछ की गई। कुछ और लोगों से पूछताछ की जाएगी। हम मुख्य अभियुक्त पवन भारद्वाज के विरुद्ध सबूत जुटाने का प्रयास कर रहे हैं।"
पुलिस को संदेह है कि ब्लैकी की सहकर्मी रैकेल ओवन का पति भारद्वाज इस मामले में संलिप्त रहा है।
उसे ब्लैकी की हत्या के कुछ दिनों बाद गिरफ्तार किया गया था और कई दिनों तक उससे पूछताछ की जाती रही, लेकिन कुछ भी हाथ नहीं लगा। बाद में वह अपनी पत्नी के साथ स्कॉटलैंड चला गया।
शर्मा ने बताया, "इस वक्त भारद्वाज से पूछताछ किया जाना जरूरी है। हम उसका प्रत्यर्पण चाहते हैं लेकिन यह तभी संभव है जब उसके खिलाफ सबूत हों। हालांकि ब्रिटिश पुलिस भी वहां उससे पूछताछ कर सकती है।"
हिमाचल पुलिस मामले की जांच दो दृष्टिकोण से कर रही है। पहला यह कि उसकी पत्नी से दोस्ती के कारण भारद्वाज की ब्लैकी से ईष्र्या रही होगी, दूसरा यह कि चैरिटी के पैसों के घोटाले का राज ब्लैकी खोल सकता था। इस घोटाले में भारद्वाज शामिल था।
मामले की जांच से जुड़े एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि घटना के समय सही तरीके से जांच नहीं की गई।
उन्होंने कहा, "जांच कमजोर पड़ गई, क्योंकि घटनास्थल से कोई सबूत इकट्ठा नहीं किया गया जो गुत्थी को सुलझा सकता था। हम अभी यह नहीं बता सकते कि हत्या के पीछे हत्यारे का मकसद क्या था।"
उल्लेखनीय है कि ब्रिटिश पुलिस ने पिछले वर्ष जुलाई में भारतीय अधिकारियों से हत्यारे का सुराग लगाने में मदद मांगी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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