पुंछ में 5 दिनों से चल रही आतंकियों से मुठभेड़
जम्मू। घाटी में सरहद पार कर देश में घुस आए आतंकवादियों और सेना के जवानों के बीच मुठभेड़ चल रही है। रात भर सन्नाटा छाया रहता है और सुबह होते ही गोलियों की गूंज सुनाई देने लगती है। यह मुठभेड़ पिछले एक-दो घंटे से नहीं बल्कि पिछले पांच दिनों से जारी है। एक मेजर की मौत हो चुकी है और 11 जवान घायल हो चुके हैं।
आतंकवादियों ने 11 जुलाई को भारत में प्रवेश किया था। स्थानीय लोगों ने पुलिस और सेना को उनकी गतिविधियों के संबंध में सूचित किया था। वैसे मुठभेड़ 13 जुलाई की रात से जारी है। सेना और आतंकवादियों के बीच अब तक लंबी चलीं मुठभेड़ों में से एक इस मुठभेड़ का शनिवार को पांचवा दिन था। ग्यारह घायलों में एक कर्नल, एक मेजर और एक जूनियर कमीशन अधिकारी (जेसीओ) शामिल है। घायलों में से चार की हालत गंभीर है।
घने जंगलों में आगे बढ़ रहे हैं सेना के जवान
बॉर्डर के उस पार से भारत आए चार आतंकियों में से दो जम्मू से 230 किलोमीटर दूर मेंढर क्षेत्र के बेरी रख में मारे गए हैं। बचे हुए दो आतंकवादी सुरक्षा बलों से बचने के लिए रातभर चुप्पी लगाए रहते हैं क्योंकि यदि वे बंदूकें चलाएंगे या ग्रेनेड विस्फोट करेंगे तो इससे सुरक्षाकर्मियों को पता चल जाएगा कि वे किस जगह हैं।
सेना के एक सूत्र ने बताया कि वे अक्सर दिन के समय, खासकर सुबह गोली चलाते हैं, उस समय सैन्यकर्मियों की सेवाओं में फेरबदल होता है। मंगलवार रात शुरू हुई यह मुठभेड़ दोनों पक्षों के बीच थोड़े-थोड़े अंतराल पर गोलाबारी होने के साथ जारी है। सेना की टुकड़ी घने जंगल में धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है। घने जंगल आतंकवादियों का पता लगाने वाले सुरक्षाकर्मियों के आगे एक गंभीर चुनौती खड़ी कर रहे हैं।












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