तिवारी से जुड़े पितृत्व मामले में सुनवाई 30 जुलाई को
न्यायमूर्ति अरुणा सुरेश ने कहा कि इस मामले से संबंधित सभी मुद्दे 30 जुलाई को देखे जाएंगे और इसके साथ ही अदालत तिवारी द्वारा इस मामले में परिवर्तन के लिए दायर याचिका की भी उसी दिन सुनवाई करेगी।
इसके पहले याची रोहित शेखर ने गुरुवार को मामले से संबंधित छायाचित्रों, सीडी और अन्य दस्तावेजों को गुरुवार को उच्च न्यायालय के संयुक्त रजिस्ट्रार के यहां जमा किया। रोहित शेखर का दावा है कि वह अपनी मां उज्वला शर्मा और तिवारी के बीच अंतरंग संबंधों की पैदाइश हैं।
लेकिन तिवारी (84) की ओर से पेश हुए वकील ने दस्तावेजों और छायाचित्रों की प्रामाणिकता को खारिज कर दिया, जिनमें तिवारी को रोहित और उसकी मां उज्वला शर्मा के साथ दिखाया गया है।
इसके पहले सर्वोच्च न्यायालय ने 10 मई को तिवारी की उस याचिका को रद्द कर दी थी, जिसमें उन्होंने उच्च न्यायालय के इस मामले के सुनवाई करने के निर्णय को चुनौती दी थी।
अदालत में दर्ज हलफनामे में तिवारी ने शर्मा और उनके बेटे पर पलटवार किया है। शर्मा भी कांग्रेस की नेता हैं। तिवारी ने कहा है कि शर्मा के साथ उनका कभी भी शारीरिक संबंध नहीं रहा, लिहाजा डीएनए परीक्षण का कोई सवाल ही नहीं उठता।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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