नक्सल नेता ने तृणमूल के साथ संबंध 'कबूला'

सुबीर भौमिक
बीबीसी संवाददाता, कोलकाता से
पश्चिम बंगाल की जेल में बंद एक माओवादी नेता ने पुलिस पूछताछ में केंद्र सरकार की सहयोगी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के साथ बेहद करीबी संबंध होने की बात ‘कबूल’ की है.
पश्चिम बंगाल पुलिस की इंटेरोगेशन रिपोर्ट यानि पूछताछ रिपोर्ट के अनुसार इस माओवादी नेता ने कहा है कि “ नंदीग्राम किसान आंदोलन उन्होंने तृणमूल के करीबी सहयोग के साथ आयोजित किया”.
इस पूछताछ रिपोर्ट की एक प्रति बीबीसी के पास है.
मधूसूदन मंडल नंदीग्राम क्षेत्र में माओवादियों की क्षेत्रीय समिति के अध्यक्ष हैं और उन्हें हाल ही में चार अन्य कार्यकर्ताओं के साथ कोलकाता से गिरफ़्तार किया गया था.
पूछताछ के दौरान कथित रूप से उन्होंने कहा, “ जब 2007 में एक केमिकल फ़ैक्ट्री के लिए ज़मीन अधिग्रहण के ख़िलाफ़ किसान आंदोलन शुरू हुआ तो हमारे नेताओं ने उसके लिए हथियारों का इंतज़ाम किया. ये हथियार तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को भी दिए गए लेकिन उन्होंने स्थिति सामान्य हो जाने के बाद भी वो हथियार वापस नहीं किए.”
बीबीसी के पास मौजूद पूछताछ रिपोर्ट में मधूसूदन मंडल ने माओवादियों के साथ जुड़ने की अपनी वजह, उन्हें हथियार कैसे मिलते हैं और हाल ही में चुने गए एक तृणमूल सांसद समेत अन्य नेताओं के साथ संबंध होने की बात की है.
तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल की मुख्य विपक्षी पार्टी है और उन्होंने हमेशा से माओवादियों के साथ किसी भी तरह का संबंध होने से इंकार किया है.
साल 2007 में नंदीग्राम में केमिकल फ़ैक्ट्री और विशेष आर्थिक क्षेत्र के लिए ज़मीन अधिग्रहण के ख़िलाफ़ ज़बरदस्त जन आंदोलन हुआ जिसमें भारी मात्रा में हथियारों का इस्तेमाल हुआ.
इसमें अवैध रूप से लाए गए हथियारों के अलावा विस्फोटकों और बारूदी सुरंगों का भी इस्तेमाल देखा गया.
कम से कम चालीस लोग मारे गए लेकिन पुलिस वहां प्रवेश नहीं कर पाई.
इस रिपोर्ट के अनुसार मधूसूदन मंडल ने कहा है कि तृणमूल कांग्रेस के नेता शुभेंदु अधिकारी और एक अन्य नेता निशिकांत मंडल के बारे में कहा है कि वो इन हथियारों के लिए गोलियों का इंतज़ाम करते थे.
निशिकांत मंडल की मृत्यु हो चुकी है लेकिन शुभेंदु अधिकारी ने इस रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा है कि ये उन्हें फंसाने के लिए “पुलिस की साज़िश” है.
उन्होंने बीबीसी को बताया, “यदि पुलिस अदालत में मेरे ख़िलाफ़ कोई आरोप दायर करती है तो मैं उचित क़ानूनी कार्रवाई करूंगा. मैं अपना बचाव करने में सक्षम हूं.”
पश्चिम बंगाल की मार्क्सवादी सरकार हमेशा से आरोप लगाती रही है कि तृणमूल कांग्रेस और माओवादियों के संबंध रहे हैं लेकिन तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी ने इसका हमेशा खंडन किया है.
नंदीग्राम आंदोलन के दौरान केंद्रीय पुलिस को इस बात के भी सबूत मिले कि मार्क्सवादी कार्यकर्ताओं ने भी स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर किसान आंदोलन के ख़िलाफ़ हथियारों का इस्तेमाल किया था.












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