भारत, अमेरिका के बीच ओबामा दौरे के मुद्दों पर चर्चा (लीड-1)
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेम्स जोंस नवंबर में होने वाले ओबामा के दौरे के मद्देनजर वार्ता की जमीन तैयार करने के उद्देश्य से दो दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे थे।
अपने भारतीय समकक्ष शिवशंकर मेनन से उच्च तकनीक के आयात के बारे में चर्चा करने के एक दिन बाद जोंस ने केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम, रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी एवं चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल पी.वी. नाइक से मुलाकात की।
जोंस बुधवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी मिले थे। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार वार्ता सकारात्मक, रचनात्मक एवं दूरदृष्टिपूर्ण रही।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि दोनों पक्षों के बीच रणनीतिक सहयोग बढ़ाने की स्थितियों की समीक्षा की गई।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि उन्होंने इस वर्ष कुछ महीने बाद ओबामा के भारत दौरे की तैयारियों को लेकर भी चर्चा की।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार द्विपक्षीय संबंधों, अफगानिस्तान एवं पाकिस्तान के हालात सहित क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की गई। अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद, वैश्विक शासन प्रणाली के निर्माण एवं अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था को मिल रही धमकियों के बाबत भी विचार-विमर्श किया गया।
भारत और अमेरिका के बीच अक्टूबर 2008 में एक ऐतिहासिक परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर होने के दो वर्ष बाद भी कई भारतीय कंपनियों और वैज्ञानिक संस्थाओं पर प्रतिबंध जारी रहने को लेकर भारत परेशान है। भारत को ओबामा के दौरे से पहले इस मुद्दे पर एक सकारात्मक कदम की उम्मीद है।
भारत ने अफगानिस्तान की स्थिति पर भी अपनी चिंताओं से अमेरिका को अवगत कराया है। ऐसी खबरें हैं कि तालिबानी तत्वों से एक सत्ता साझेदारी समझौते के लिए पाकिस्तान दबाव बना रहा है, जो भारतीय हितों के खिलाफ है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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