विदेश मंत्रियों के बीच वार्ता का एक और दौर (लीड-2)
इस्लामाबाद, 15 जुलाई (आईएएनएस)। मुंबई हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की गुरुवार को हुई पहली बैठक में सकारात्मक प्रगति के संकेत मिले हैं। दोनों नेताओं के बीच बातचीत का आज एक और दौर होगा।
भारतीय विदेश मंत्री एस. एम. कृष्णा पाकिस्तानी प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से मुलाकात के बाद अपने पाकिस्तानी समकक्ष शाह महमूद कुरैशी से बातचीत का यह दौर आरंभ करेंगे।
संबंधों में आई कड़वाहट को मिटाने एवं परस्पर विश्वास बहाली की दिशा में आगे बढ़ने के लिए दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच यह बहुप्रतीक्षित वार्ता पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय में आरंभ हुई। इससे पहले दोनों नेताओं ने गरमजोशी के साथ हाथ मिलाया।
भारतीय और पाकिस्तानी सूत्रों ने बताया है कि कई मसलों पर घोर मतभेदों के बावजूद दोनों नेताओं के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।
पहले दौर की बातचीत खत्म होने के बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने घोषणा की कि कृष्णा और कुरैशी का संयुक्त संवाददाता सम्मेलन शाम तक टाल दिया गया है। एक वरिष्ठ भारतीय अधिकारी ने बताया, "यह अच्छी खबर है।"
आधिकारिक सूत्रों ने बताया है कि तय कार्यक्रम के मुताबिक कृष्णा गिलानी और जरदारी से मुलाकात करेंगे। उसके बाद कुरैशी के साथ उनकी और एक दौर की वार्ता होगी।
ऐसी उम्मीद थी कि दोनों नेताओं के बीच की वार्ता दोपहर तक खत्म हो जाएगी और उसके बाद दोनों एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन करेंगे।
इस बीच, कृष्णा और गिलानी की मुलाकात से पूर्व पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल परवेज अशफाक कियानी ने गिलानी से भेंट की।
कृष्णा इस वार्ता के लिए अपनी तीन दिन की पाकिस्तान यात्रा पर बुधवार को इस्लामाबाद पहुंचे थे। वार्ता के लिए रवाना होने से पहले उन्होंने कहा था, "मैं आशावान हूं।"
दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच अप्रैल में दक्षेस शिखर सम्मेलन के दौरान हुई मुलाकात के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच यह सबसे महत्वपूर्ण संवाद हो रहा है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके पाकिस्तानी समकक्ष यूसुफ रजा गिलानी ने भूटान में दक्षेस शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात की थी।
दोनों देशों के बीच अब तक हुई उच्च स्तरीय बैठकों में हाथ मिलाने और मौखिक प्रतिबद्धताओं के बावजूद दोनों देशों के बीच गंभीर मतभेद यथावत रहे। यह बात उस समय भी जाहिर हुई जब पाकिस्तान पहुंचने पर कृष्णा ने कहा कि भारत चाहता है कि पाकिस्तान डेविड कोलमैन हेडली के खुलासों पर दृढ़ता के साथ और निर्णायक ढंग से कार्रवाई करे।
हेडली से पूछताछ के बाद अब भारतीय अधिकारियों का पक्ष है कि मुंबई हमले को अंजाम देने में लश्कर-ए-तैयबा अकेला नहीं था बल्कि इसमें पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की भी संलिप्तता थी। इस हमले में लगभग 166 लोग मारे गए थे। दूसरी ओर पाकिस्तानी अधिकारी इससे इंकार करते हैं।
कृष्णा और कुरैशी की इस वार्ता के बीच जम्मू एवं कश्मीर में बढ़ती घुसपैठ का मामला भी उठ सकता है। यह इसलिए भी संभव है क्योंकि इन दिनों कश्मीर घाटी में पिछले कुछ दिनों से स्थिति तनावपूर्ण है। तनाव की वजह प्रदर्शन और पथराव रहा है। हिंसा के दौरान घाटी में 15 लोग मारे गए हैं।
भारत और पाकिस्तान के बीच कई मसलों पर घोर मतभेदों के बावजूद दोनों देशों के अधिकारी इस बात की उम्मीद पाले हैं कि वे संबंधों में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति कर सकते हैं।
शुक्रवार को स्वदेश रवाना होने से पहले कृष्णा मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम), अवामी नेशनल पार्टी (एएमपी) और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के नेतृत्व वाले पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल) के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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