झारखण्ड में लगातार तबादलों से नाराजगी
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने कहा है कि राज्य में राष्ट्रपति शासन के दौरान तबादला और नियुक्ति एक व्यापार की तरह उभर रहा है।
पिछले डेढ़ महीने में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के करीब 32 अधिकारियों का तबादला हो चुका है।
इस दौरान सात जिला उपायुक्तों का तबादला किया जा चुका है। राज्य में राष्ट्रपति शासन के दौरान 42 से अधिक पुलिस अधीक्षकों और द्वितीय श्रेणी के 130 से अधिक अधिकारियों का स्थानांतरण हो चुका है।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि बड़ी संख्या में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और आईएएस अधिकारी तबादले की कतार में हैं।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और शिबू सोरेन सरकार में उप मुख्यमंत्री रह चुके रघुबर दास ने आईएएनएस से कहा, "राज्य में राष्ट्रपति शासन के दौरान तबादला और नियुक्तियों का व्यापार जोरों से हो रहा है। एक साल तक राष्ट्रपति शासन के बाद जब हम सत्ता में आए थे तो इतने तबादले नहीं हुए थे।"
उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार को इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए और बड़े पैमाने पर हो रहे तबादलों और नियुक्तियों पर रोक लगाना चाहिए।"
झामुमो केंद्रीय समिति के सदस्य सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा, "राज्यपाल एम. ओ. एच. फारुक ने मई में राजनीतिक संकट के दौरान सोरेन सरकार को नोटिस जारी कर तबादलों और नियुक्तियों को प्रभावति न करने का निर्देश दिया था।"
कांग्रेस भी तेजी से किए जा रहे तबादलों और नियुक्तियों से नाखुश है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप बालमुचु ने पत्रकारों से कहा, "इस काम में नौकरशाह शामिल हैं। राज्यपाल इन चीजों से परिचित नहीं लग रहे हैं और हमें उन्हें सुझाव देना होगा कि वह निर्देश दें कि अधिकारी ऐसा न करें।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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