काली चाय में उम्मीद से अधिक फ्लोराइड
फ्योराइड दांतों को खराब होने से बचाता है लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा सेवन करने पर 'स्केलेटन फ्लोरोसिस' नाम की बीमारी भी हो सकती है। इस बीमारी के कारण हड्डियों तथा जोड़ो में दर्द की शिकायत रहती है।
जॉर्जिया मेडिकल कॉलेज के ओरल बॉयोलॉजी के प्रोफेसर गैरी व्हिटफोर्ड ने कहा, "दो या चार कप अधिक चाय पीने से हमें उसमें पाई जाने वाली फ्लोराइड से कोई खतरा नहीं लेकिन जो लोग जरूरत से अधिक चाय पीते हैं, उन्होंने निश्चित तौर पर इससे खतरा है।"
व्हिटफोर्ड ने 'स्केलेटन फ्लोरोसिस' से पीड़ित लोगों पर आधारित अपने शोध के माध्यम से यह पता लगाने में सफलता हासिल की कि इससे पहले हमें काली चाय में फ्लोराइड की मात्रा को लेकर सही ज्ञान नहीं था।
व्हिटफोर्ड ने पाया कि काली चाल में उनके अनुमान से दुगनी से भी ज्यादा फ्लोराइड पाई जाती है। उन्होंने काली चाय की सात किस्मों को पीने के बाद पाया कि इनमें उनके अनुमान से 1.4 से 3.3 प्रतिशत तक ज्यादा फ्लोराइड पाई जाती है।
एक व्यक्ति के लिए प्रतिदिन दो से तीन मिलीग्राम फ्लोराइड का सेवन हानिकारक नहीं है लेकिन उससे अधिक मात्रा शरीर, खासकर दांतों और हड्डियों के लिए नुकसानदायक हो सकती है। हम आमतौर पर चाय के अलावा फ्लोराइडयुक्त पानी, टूथपेस्ट और भोज्य पदार्थो के माध्यम से फ्लोराइड ग्रहण करते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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