क्लोरीन गैस रिसाव मामले में प्राथमिकी दर्ज
सेवरी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक राजन भोगले ने कहा, "पर्यावरण संरक्षण कानून के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच जारी है।"
उन्होंने कहा कि प्राथमिकी में अन्य आरोपों के अलावा गैर इरादतन हत्या का प्रयास और लापरवाही भरा आचरण करने का आरोप शामिल है।
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के एक अधिकारी ने गुरुवार को संवाददाताओं को बताया, "गैस रिसाव के प्रभाव को कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रभाव को कम करने के लिए करीब 14 टन कास्टिक सोडा और चार टन पानी इस्तेमाल किया गया।"
एमपीटी के गोदाम में बुधवार तड़के गैस रिसाव से कम से कम 92 लोग बीमार हो गए, इनमें अधिकांश छात्र हैं।
दमकल विभाग के एक कर्मचारी के अनुसार गैस रिसाव की घटना का पता तड़के करीब 3.30 बजे चला जब इलाके के लोगों ने आंखों में जलन, सांस में तकलीफ और मतली की शिकायत की।
एमपीटी के प्रवक्ता ने कहा कि 141 सिलेंडरों का आयात वर्ष 1997 में किया गया था लेकिन आयातक इस खेप को नहीं ले गए। ये सिलेंडर पिछले 14 वर्षो से खुले में पड़े थे।
अधिकारी ने बताया कि केवल पांच सिलेंडरों में गैस थी जबकि 136 खाली थे।
एमपीटी अधिकारियों के अलावा, महाराष्ट्र आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, सार्वजनिक क्षेत्र की राष्ट्रीय रसायन एवं उर्वरक कंपनी तथा अर्धसरकारी सेंचुरी रेयॉन कंपनीज भी राहत कार्यो में मदद कर रही हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications