यूरोपीय कंपनी का अधिग्रहण कर सकता है रुइया समूह
कोलकाता, 15 जुलाई (आईएएनएस)। रुइया समूह वाहनों के पुर्जे बनाने वाली एक यूरोपीय कंपनी का अधिग्रहण कर सकता है।
कंपनी के चेयरमैन पवन कुमार रुइया ने आईएएनएस से कहा, "वाहन के पुर्जे बनाने वाली यूरोपीय कंपनियों में एक के साथ हम सौदे की कोशिश कर रहे हैं। यूरोप में कई कंपनियां बिकाऊ हैं। हम कुछ परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं।"
कंपनी दो-तीन यूरोपीय कंपनियों के साथ सौदे की संभावनाएं देख रही है। कंपनी ने 2009 में वाहन पुर्जे बनाने वाली ब्रिटिश कंपनी श्लेगेल ऑटोमोटिव यूरोप लिमिटेड और जर्मनी की हेन्नीगेस आटोमोटिव ग्रेफार्थ का अधिग्रहण किया था।
रुइया ने बताया, "ब्रिटेन और जर्मनी दोनों जगहों की कंपनियां अभी बहुत अच्छा कारोबार कर रही हैं। सौभाग्य से इन्हें मूल उपकरण निर्माताओं (ओएमई) से ऑर्डर मिलने लगे हैं।"
मौजूदा यूरोपीय संकट के बारे में उन्होंने कहा, "सौभाग्य से यह साल पिछले साल के मुकाबले बेहतर है। यूरोपीय ओएमई की बिक्री में इजाफा हुआ है। हमारे ऑर्डर भी बढ़ रहे हैं।"
रुइया ने बताया, "हम हर महीने जर्मनी में करीब 45 लाख यूरो और ब्रिटेन में करीब 25 लाख पाउंड का कारोबार कर रहे हैं।"
कंपनी की अन्य अधिग्रहण योजनाओं के बारे में उन्होंने कहा, "सांगयोंग के अधिग्रहण के सिलसिले में हम एक सलाहकार कंपनी डेलोइट्टे की सेवाएं ले रहे हैं। इस सप्ताह तक इससे संबंधित प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।"
दक्षिण कोरिया की दीवालिया कंपनी सांगयोंग के अधिग्रहण के लिए लगी बोली में चयनित की गई छह कंपनियों में महिंद्रा एवं महिंद्रा और रुइया समूह भी शामिल है।
कंपनी ने असम में चार करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित ग्रीनफील्ड टायर संयंत्र की स्थापना की अपनी योजना को एक साल के लिए टाल दी है। रुइया का कहना है कि कंपनी का ध्यान फिलहाल कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तरांचल की मौजूदा इकाइयों का विस्तार करने पर है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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