चीन की अर्जेटीना को परमाणु ऊर्जा तकनीक की पेशकश
बीजिंग, 15 जुलाई (आईएएनएस)। चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने अर्जेटीना के चौथे परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए आधुनिक तकनीक देने का प्रस्ताव दिया है।
उन्होंने यह प्रस्ताव चीन के दौरे पर गईं अर्जेटीना की राष्ट्रपति क्रिस्टीना फर्नाडिस को बुधवार को दिया। दोनों नेताओं की वार्ता से पहले फर्नाडिस ने कहा कि वह चीन के राष्ट्रपति हू जिन्ताओ और चीन के प्रमुख अधिकारियों से हुई बातचीत से काफी संतुष्ट हैं।
कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो के सदस्य जोउ योंगकांग से मुलाकात के बाद फर्नाडिस ने कहा, "हमारे बीच बेहतर बातचीत हुई है और हमारे बीच जो समझौता होगा उससे दोनों देशों को लाभ होगा।"
उन्होंने कहा, "अर्जेटीना के साथ लैटिन अमेरिका का महत्व जुड़ा है।"
अर्जेटीना के योजना मंत्री जूलियो डी विडो और चीन के राष्ट्रीय परमाणु निगम (सीएनएनसी) के अध्यक्ष माओ शियोमिंग मंगलवार को अर्जेटीना के प्रस्तावित चौथे परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए तकनीक के हस्तांतरण के लिए जरूरी यात्राएं करने के लिए सहमत हुए थे।
कनाडा, दक्षिण कोरिया, रूस, जापान और फ्रांस की कंपनियां भी अर्जेटीना की इस परियोजना की बोली लगाने के लिए अपनी रुचि दिखा चुकी हैं।
योजना मंत्रालय के प्रवक्ता होराकियो मिजराही ने कहा कि इस संबंध में वर्ष 2011 की पहली छमाही में फैसला किया जाएगा।
चीन के तटीय इलाकों में 11 परमाणु ऊर्जा संयंत्र हैं और अगले 20 साल में वह इनकी संख्या 100 तक बढ़ाना चाहता है। चीन की ऊर्जा मांग में बढ़ोतरी के अनुमान के बारे में पूछे जाने पर मिजराही ने कहा कि यह अमेरिका में ऊर्जा की मांग के बराबर के स्तर पर रहेगी।
अर्जेटीना के साथ किए जा रहे इस समझौते में तीन अरब डॉलर की राशि निर्धारित की गई है, जिसमें से 6.8 प्रतिशत राशि परमाणु ऊर्जा उत्पादन पर खर्च की जाएगी। फर्नाडिस इस राशि को 2025 तक 21.1 प्रतिशत तक बढ़ाना चाहती हैं।
राष्ट्रपति फर्नाडिस और जिन्ताओ ने मंगलवार को संयुक्त घोषणापत्र जारी किया जिसमें उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार को बढ़ावा दिया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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