कनार्टक में विपक्षी विधायकों का धरना जारी (राउंडअप)
राष्ट्रपति के साथ नाश्ते पर भेंट करने के बाद भारद्वाज ने संवाददाताओं से कहा कि वह राज्यपाल पद की अपनी जिम्मदारियों को निभाएंगे। "किसी को भी भ्रष्टाचार करने का लाइसेंस नहीं दिया जा सकता है।"
राज्यपाल ने कहा, "मैं अपनी जिम्मेदारियों से नहीं भागूंगा। मैं राज्यपाल हूं। जो कुछ लोगों को महसूस होता है वह मैं भी महसूस करता हूं।"
राज्यपाल के बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री पी.चिदंबरम के साथ मुलाकात करने की संभावना है।
भारद्वाज ने कहा कि अवैध खनन मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) या ऐसी ही किसी अन्य एजेंसी के माध्यम से होनी चाहिए।
खनन माफियाओं और खनन से जुड़े राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों का अप्रत्यक्ष उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा, "आपको राज्य के खजाने से वेतन दिया जा रहा है। आप ऐसी गतिविधियों में कैसे शामिल हो सकते हैं?"
पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री रह चुके भारद्वाज ने कहा कि वह कर्नाटक के लोकायुक्त संतोष हेगड़े का सम्मान करते हैं जिन्होंने बड़े पैमाने पर अवैध खनन के विरोध में पद छोड़ने की घोषणा की थी लेकिन बाद में पद पर बने रहने को सहमत हो गए।
राज्यपाल ने कहा, "वहां लोकपाल हैं लेकिन कोई काम नहीं होता। मुझे देखना है कि कानून का राज मजबूत होना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि कर्नाटक एक शांतिपूर्ण राज्य है और वहां कानून एवं व्यवस्था की कोई समस्या नहीं है।
उधर विधानसभा में रात गुजारने के बाद कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) के विधायक मंगलवार को भी बेंगलुरू में विधानसभा के सामने धरने पर बैठे रहे।
उनके नेताओं ने कहा कि राज्य में अवैध खनन की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की उनकी मांग पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सहमत होने तक धरना जारी रहेगा।
विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्धरमैया ने संवाददाताओं से मंगलवार को कहा, "राज्य में अनियंत्रित लौह अयस्क खनन की सीबीआई जांच की हमारी मांग पर भाजपा के सहमत नहीं होने तक विधानसभा के समक्ष हमारा चौबीसों घंटे का धरना जारी रहेगा।"
जद (एस) के नेता एच.डी. रेवन्ना ने उनसे सहमति जताते हुए कहा कि उनकी पार्टी के विधायक मांग पूरी होने से पहले धरने से नहीं उठेंगे।
पर्यटन मंत्री जी.जनार्दन रेड्डी, उनके बड़े भाई और राजस्व मंत्री जी.करुणाकर रेड्डी तथा छोटे भाई विधानसभा सदस्य जी.सोमशेखर रेड्डी पर बेल्लारी और उससे लगे आंध्र प्रदेश में बड़े पैमाने पर लौह अयस्क का अवैध खनन कराने का आरोप है।
मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा ने अवैध खनन की सीबीआई जांच की मांग को ठुकराते हुए मामले की जांच राज्य के लोकायुक्त एन.संतोष हेगड़े से कराने पर जोर दिया।
सर्वोच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश हेगड़े ने भ्रष्टाचार और अवैध खनन पर कार्रवाई पर सरकार के साथ मतभेदों के बाद इस्तीफा दे दिया था और केवल लालकृष्ण आडवाणी के हस्तक्षेप के बाद इस्तीफा वापस लिया।
वर्ष 2003 से अब तक राज्य में तीन करोड़ टन से अधिक लौह अयस्क का अवैध खनन और निर्यात हो चुका है। कांग्रेस और जद (एस) का दावा है कि इससे करीब 60,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
भाजपा ने मंगलवार को आरोप लगाया कि कर्नाटक के राज्यपाल एच.आर.भारद्वाज राज्य सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं और कहा कि वह राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील से उन पर नियंत्रण लगाने को कहेगी।
भारद्वाज ने मंगलवार को राष्ट्रपति से मुलाकात की और बाद में कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार को पनपने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके जवाब में भाजपा ने यह प्रतिक्रिया प्रकट की।
भाजपा के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राज्यपाल कांग्रेस के एक वफादार हैं जो भाजपा के खिलाफ प्रचार कर रहे हैं और उनको लोकतांत्रिक ढंग से निर्वाचित सरकार में हस्तक्षेप का कोई अधिकार नहीं है।
प्रसाद ने कहा, "भारद्वाज को यह तय करना चाहिए कि वह एक संवैधानिक पद पर हैं या कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता हैं। उन्होंने जिस तरह का बयान दिया है, उसका हम कड़ा विरोध करते हैं और हम राष्ट्रपति से मांग करेंगे कि कृपया अपने राज्यपाल को रोकिए।"
उन्होंने कहा कि राज्यपाल निर्वाचित सरकार को अस्थिर करने के लिए एक एजेंट नहीं बन सकता।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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