खेल परियोजनाओं पर शीला के मंत्रियों ने ही जताई चिंता
दोनों मंत्रियों ने विकास मार्ग, आईटीओ चुंगी और अक्षरधाम मंदिर को जाने वाली मार्जनिल बंद रोड, खेल गांव तक जाने वाली सड़क, एनएच-24, गाजीपुर क्रासिंग, निर्माणाधीन सड़क संख्या-56 और 57 के फ्लाईओवर, आनंद विहार रेल टर्मिनल के निकट की सड़क और यमुना क्रीड़ा परिसर को देखा।
निरीक्षण के बाद मंत्रियों ने डीडीए से अपना काम इस महीने के अंत तक पूरा करने को कहा। उन्होंने निरीक्षण के दौरान डीडीए के इंजीनियरों के गैर गंभीर रवैये पर आश्चर्य और अप्रसन्नता जाहिर की। निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता तो पहुंचे नहीं, अधीक्षण अभियंता भी निरीक्षण समाप्त होने से पहले ही चले गए। दोनों मंत्रियों ने तय किया कि वे इस मुद्दे को डीडीए के उपाध्यक्ष के समक्ष उठाएंगे। मंत्रियों ने यह भी महसूस किया कि चुनौती कठिन है और काम पूरा करने के लिए अतिरिक्त प्रयासों और अतिरिक्त आदमियों की तौनाती जरूरी होगी।
उन्होंने कहा कि यह इलाका खेल गांव से बहुत नजदीक है और खेल गांव में बड़ी संख्या में विदेशी खिलाड़ी और अधिकारी ठहरेंगे। यदि हालात ठीक नहीं हुए तो इससे राष्ट्र की प्रतिष्ठा को आघात पहुंचेगा। डा. वालिया ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से कहा कि विकास मार्ग पर बनने वाली पार्किं ग का काम इस महीने के अंत तक पूरा कर लिया जाए।
दोनों मंत्रियों ने एनएच-24 की स्थति का भी अवलोकन किया। वहां भी हालत लगभग वैसे ही थे और दोनों ओर मलबा दिखाई दे रहा था। मंत्रियों ने इस पर अप्रसन्नता जाहिर की और पीडब्ल्यूडी से कहा कि वे इसे चुनौती के रूप में लें और तुरंत प्रभावी कार्रवाई करें।
उन्होंने यमुना खेल परिसर का भी निरीक्षण किया, जहां हरियाली लगाने का काम शुरू किया जाना है। डीडीए द्वारा बनाये जा रहे तरणताल को पूरा होने का काम भी काफी दूर दिखाई देता है। डीडीए ने दोनों मंत्रियों को भरोसा दिलाया गया कि यह काम 31 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने 10 दिन के बाद इनका फिर से निरीक्षण करने का निर्णय लिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications