हिमाचल में नदियों का जल स्तर घटा
कुल्लू के उपायुक्त बी. एम. नंता ने आईएएनएस को बताया, "इस इलाके में बारिश न होने की वजह से गुरुवार सुबह से व्यास, पार्वती व तीर्थन सहित उनकी सहायक नदियों के जल स्तर में तेजी से कमी आनी शुरू हो गई।"
उन्होंने बताया कि बुधवार को भूस्खलन और व्यास नदी में भारी बहाव के कारण चण्डीगढ़-मनाली राजमार्ग संख्या-21 कुछ घंटों के लिए बाधित रहा था।
नंता ने बताया, "व्यास नदी के जल स्तर में अब कमी आनी शुरू हो गई है, लेकिन जल प्रवाह अभी तेज है।"
लगातार हो रही बारिश से सतलुज नदी के जल स्तर में भी वृद्धि हुई है और इसकी वजह से शिमला के ऊपरी इलाकों में भूस्खलन होने के कारण यातायात बाधित रहा।
इस बीच शिमला के उपायुक्त जे. एस. राणा ने बताया, "सतलुज नदी के जलस्तर में भी कमी आने लगा है।"
किन्नौर जिले में कई जगह भूस्खलन होने और पेड़ों के उखड़ने की वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-22 को बंद करना पड़ा था, जिसे बाद में यातायात के लिए खोल दिया गया था।
एक अधिकारी ने बताया, "किन्नौर जिले में अधिकतर बड़ी सड़कों को यातायात के लिए फिर से खोल दिया गया है। सड़क संपर्क बहाल करने के लिए खाब के समीप कार्य जारी है।"
लाहौल एवं स्पीति जिले का मुख्यालय केलांग देश के बाकी हिस्सों से अभी भी कटा हुआ है।
कई हिस्सों में भूस्खलन होने की वजह से रोहतांग दर्रा के समीप से केलांग के लिए जाने वाले रास्ते को वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है।
मौसम विभाग ने राज्य के कुछ हिस्सों में शुक्रवार को मध्यम बारिश की संभावना जताई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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