कैंसर, मधुमेह, आघात से निपटने के लिए नया कार्यक्रम
नई दिल्ली, 8 जुलाई (आईएएनएस)। कैंसर, मधुमेह, हृदयरोग और आघात की पहचान, रोकथाम और नियंत्रण के लिए गुरुवार को एक नए कार्यक्रम की शुरुआत की गई। अगले दो साल में इस कार्यक्रम पर 1,230.90 करोड़ रुपये का व्यय होगा।
गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा है कि 15 राज्यों और संघ शासित क्षेत्रों के 100 जिलों में जन शिक्षा के जरिए स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देकर यह कार्यक्रम लागू किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में कैंसर, मधुमेह, ह्रदयरोग और आघात की रोकथाम और नियंत्रण के राष्ट्रीय कार्यक्रम को शुरू करने का निर्णय लिया गया।
बैठक के बाद चिदंबरम ने पत्रकारों से कहा कि इस कार्यक्रम के तहत 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में इन बीमारियों के खतरे की आशंका को समझने के लिए उनकी जांच की जाएगी। इसके तहत सभी सुविधा संपन्न क्लीनिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी शुरू किए जाएंगे।
चिदंबरम ने कहा, "इस कार्यक्रम के तहत 30 वर्ष से अधिक उम्र के सात करोड़ से अधिक युवाओं में मधुमेह और उच्च रक्तचाप की जांच, गैर संक्रामक बीमारियों की जल्द पहचान और उपचार की उम्मीद है।"
मंत्रिमंडल की बैठक में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के एक तथ्य पर भी गौर किया गया कि वर्ष 2020 तक भारत में होने वाली मौतों और विकलांगता का सबसे बड़ा कारण हृदयरोग होंगे।
साथ ही यह अनुमान व्यक्त किया गया है कि देशभर में आबादी का 6.25 प्रतिशत हिस्सा मधुमेह से पीड़ित है जबकि 15.95 प्रतिशत लोग उच्च रक्तचाप की शिकायत से जूझ रहे हैं। देश में कैंसर मरीजों की संख्या भी 25 लाख है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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