नक्सली बंद : कई जगह हिंसा, रेल सेवाएं बाधित (लीड-3)
झारखण्ड में नक्सलियों ने एक पुलिसकर्मी की हत्या कर दी तथा रेलवे स्टेशन की इमारत और पटरी को विस्फोट से उड़ा दिया। धनबाद रेलवे स्टेशन के जनसंपर्क अधिकारी अमरेंद्र दास ने बताया, "दो अलग-अलग घटनाओं में नक्सलियों ने हेगारा रेलवे स्टेशन की इमारत और निचितपुर के निकट पटरी को विस्फोट से उड़ा दिया।"
दास ने बताया कि हेगारा रेलवे स्टेशन पर 100 से 120 से अधिक नक्सलियों ने करीब 1.45 बजे रांची से करीब 130 किलोमीटर दूर लातेहार जिले में एक रेलवे स्टेशन पर धावा बोलकर उसे डायनामाइट से उड़ा दिया। नक्सलियों ने रेलवे के दो कर्मचारियों को भी अगवा कर लिया लेकिन बाद में उन्होंने छोड़ दिया। नक्सलियों ने मुठभेड़ के दौरान एक पुलिकर्मी की हत्या कर दी।
एक अन्य घटना में रांची से 190 किलोमीटर दूर धनबाद जिले में निचितपुर हाल्ट के निकट नक्सलियों ने पटरी को विस्फोट से उड़ा दिया। पश्चिमी सिंहभूम जिले के किरुईबूरू में नक्सलियों ने पानी के एक पंप स्टेशन को आग के हवाले कर दिया। नक्सलियों के बंद को देखते हुए रेल अधिकारियों ने सात रेलगाड़ियां रद्द कर दी है।
बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में बंद का व्यापक असर देखा गया। राज्य के नक्सल प्रभावित जिलों औरंगाबाद, गया, अरवल, जहानाबाद, मुंगेर, रोहतास, जमुई आदि जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन पूरी तरह ठप्प रहा तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक पी़ क़े ठाकुर ने गुरुवार को बताया कि नक्सलियों के बंद के दौरान अब तक कहीं से अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि बंद को लेकर सभी ऐहतियाती कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस, जिला प्रशासन, और रेल प्रशासन सतर्क रहे। सभी महत्वपूर्ण रेलगाड़ियों के आगे पायलट रेल चलाई गई। रेलवे के अनुसार बंद के दौरान बिहार से गुजरने वाली पांच रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया जबकि कई के मार्ग में परिवर्तन किया गया।
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में बुधवार देर रात हथियारबंद नक्सलियों ने एक कांग्रेसी नेता के आवास धावा बोल कर उनके एक करीबी संबंधी की हत्या कर दी और लगभग उसी समय एक पुलिस थाने पर भी हमला किया। पुलिस के मुताबिक सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में कम से कम चार नक्सली भी मारे गए हैं।
रायपुर से करीब 450 किलोमीटर दूर नक्सलियों ने स्थानीय कांग्रेस नेता अवधेश सिंह गौतम के आवास और एक पुलिस स्टेशन पर देर रात एक बजे एक ही समय पर धावा बोला। इस हमले में नेता के नजदीकी रिश्तेदार की गोली मारकर हत्या कर दी गई जबकि उनके एक समर्थक को बुरी तरह घायल कर दिया गया।
छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक विश्वास रंजन ने आईएएनएस को बताया, "नक्सलियों को भी इसकी कीमत चुकानी पड़ी। कम से कम तीन नक्सली उस समय मारे गए जब राजनीतिज्ञ के आवास पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने जवाबी कार्रवाई की। एक अन्य नक्सली थाने पर हुए हमले के दौरान सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में मारा गया।"
उधर, उड़ीसा के क्योंझर जिले में नक्सलियों ने एक पुलिस स्टेशन की इमारत को आग के हवाले कर दिया एक पुलिस अधिकारी को अगवा कर लिया। भुवनेश्वर से करीब 150 किलोमीटर दूर दैतारी कस्बे में स्थित पुलिस स्टेशन पर महिलाओं सहित 30-40 हथियारबंद नक्सलियों ने देर रात धावा बोलकर काफी तोड़फोड़ की और उसके बाद उसे आग के हवाले कर दिया।
पुलिस महानिरीक्षक(ऑपरेशन) संजीव मारिक ने आईएएनएस को बताया, "पुलिस स्टेशन में केवल एक सहायक उपनिरीक्षक और एक कांस्टेबल मौजूद थे। नक्सलियों ने पुलिस अधिकारी को अगवा कर लिया जबकि कांस्टेबल भागने में सफल हो गया।"
उड़ीसा के दूर-दराज के इलाकों में सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ। मल्कानगिरी और रायगाढ़ा जिलों के कुछ इलाकों में यातायात पर असर पड़ा और रायगाढ़ा में सरकारी बसें नही चलीं। नक्सलियों ने कंधमाल जिले में भी कई जगह सड़क अवरुद्ध कर दिया जिससे यातायात बाधित रहा।
प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने अपने शीर्ष नेता चेरुकुरी राजकुमार उर्फ आजाद के मारे जाने के विरोध में बुधवार और गुरुवार को दो दिवसीय बंद का ऐलान किया है। नक्सलियों का आरोप है कि पुलिस ने आजाद को फर्जी मुठभेड़ में मारा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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