भारत की विकास दर 9.50 प्रतिशत होगी : आईएमएफ
वाशिंगटन, 8 जुलाई (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अनुमान के अनुसार कार्पोरेट मुनाफे में वृद्धि,अनुकूल वित्तीय स्थितियों और ईंधन में निवेश के कारण वर्ष 2010 में भारत की विकास दर बढ़कर 9.50 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जो वर्ष 2011 में 8.50 प्रतिशत पर स्थिर होगी।
आईएमएफ ने गुरुवार को कहा कि एशिया की आर्थिक वृद्धि में निरंतर योगदान देने वाली भारत, चीन और इंडोनेशिया की बड़ी घरेलू मांग विदेशी मांग गिरने की स्थिति में भी सहारा दे सकती है।
वैश्विक आर्थिक परिदृश्य (डब्ल्यूईओ) पर आईएमएफ की जुलाई की रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक वित्तीय बाजारों में परेशानी कायम रहने के बावजूद एशिया में मजबूत सुधार हो रहा है। वैश्विक आर्थिक वृद्धि वर्ष 2010 में 4.50 प्रतिशत और 2011 में 4.25 प्रतिशत होने का अनुमान है।
आईएमएफ ने कहा कि अप्रैल 2010 में जारी डब्ल्यूईओ की तुलना में इस बार आर्थिक वृद्धि के अनुमान को 0.50 प्रतिशत बढ़ाया गया है। इससे वर्ष की पहली छमाही में मजबूत आर्थिक गतिविधियों का संकेत मिलता है। वर्ष 2011 के बारे में जारी अनुमानों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
दूसरी तरफ नए वित्तीय संकट के कारण अर्थव्यवस्था में गिरावट का खतरा भी बढ़ा है। आईएमएफ ने विकसित अर्थव्यवस्थाओं को राजकोषीय मजबूती, मध्यम अवधि में वृद्धि बढ़ाने वाले उपायों और कर व्यवस्था में सुधार के नीतिगत उपायों पर ध्यान केंद्रित करने का सुझाव दिया है।
एशिया में निर्यात में उछाल और मजबूत घरेलू निजी मांग के कारण आर्थिक गतिविधियों में निरंतर वृद्धि का उल्लेख करते हुए आईएमएफ ने वर्ष 2010 में क्षेत्र के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वृद्धि के अनुमान को अप्रैल के सात प्रतिशत की तुलना में बढ़ाकर 7.50 प्रतिशत कर दिया है।
आईएमएफ के अनुसार वर्ष 2011 में उत्पाद श्रंखला के पूरी लय में आने और कई देशों से प्रोत्साहन पैकेजों की वापसी के बाद एशिया की जीडीपी वृद्धि संयमित होकर 6.75 प्रतिशत पर स्थिर हो जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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