भारत बंद के दौरान भड़क सकती है हिंसा
नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल के दामों में हुई वृद्धि के विरोध में सोमवार को विपक्षी दलों ने भारत बंद का ऐलान किया है। इस ऐलान को देखते हुए तस्वीर अभी से साफ हो गई है कि बंद का व्यापक असर देश भर में दिखेगा।
भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी, जनता दल, राजष्ट्रीय जनता दल, कम्युनिस्ट पार्टी, आदि समेत कई विपक्षी दलों के आह्वान पर सोमवार को भारत बंद रहेगा। सभी दुकानें, शिक्षण संस्थान, निजी व सरकारी कार्यालय, विश्वविद्यालय से लेकर निजी प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। सड़क पर न तो बसें चलेंगी और न ही ऑटो व रिक्शा।
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इसे देखते हुए कई निजी कंपनियों ने सोमवार को छुट्टी घोषित कर दी है। विपक्षी दलों की प्रदेश इकाईयों ने चेतावनी दी है कि अगर कोई प्रतिष्ठान खुला तो वो उसका विरोध करेंगे। इसे देखते हुए कई बड़े शहरों में हिंसा भड़कने की आशंका भी व्यक्त की जा रही है। बेंगलुरू समेत कई बड़े शहरों में सरकारी बसें चलाने के निर्देश दिए गए हैं, जिनका विपक्षी दलों ने विरोध किया है।
उधर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने कहा है कि सोमवार को विपक्षी दलों द्वारा आहूत राष्ट्रव्यापी बंद के दौरान उपद्रवियों ने यदि हिंसा भड़काने या सार्वजनिक या निजी संपत्ति को क्षति पहुंचाने की कोशिश की तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने संबंधित अधिकारयों से कहा कि वे सुनिश्चत करें कि उपनगर की आवश्यक सेवाएं तथा लंबी दूरी की रेलगाड़ियां, वायु सेवाएं बाधित न हों तथा आवश्यक खाद्य सामग्री, चिकित्सा और एंबुलेंस की सुविधाएं बहाल रहें।
चव्हाण ने महंगाई के विरोध में देशव्यापी बंद से दो दिन पूर्व ही विभिन्न विभागों के अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक बुलाई और हालात की समीक्षा की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि क्षति हुई तो सरकार जिम्मेदार व्यक्ति से उसकी कीमत वसूलेगी।












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