नक्सली सरगना के परिजनों को शव देखने की इजाजत मिली
हैदराबाद, 3 जुलाई (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश पुलिस के साथ मुठभेड़ में शुक्रवार को मारे गए प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नक्सली सरगना चेरुकुरी राजकुमार उर्फ आजाद की मां और भाई को उसका शव देखने की इजाजत दी गई।
अदीलाबाद के मचरियाल कस्बे में उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब पुलिस ने बालादीर गदर, लेखक वारावारा राव और नक्सली समर्थकों को सरकारी अस्पताल में दाखिल होने से इंकार कर दिया।
पुलिस ने हालांकि उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार आजाद के शव का पोस्टमार्टम होने से पहले उसकी मां सी. करुणा और भाई सी. सुरेश को ही शव देखने की अनुमति दी।
परिवार के अन्य सदस्यों और वारावारा राव के साथ विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता भी अस्पताल पहुंचे, जहां आजाद और मुठभेड़ में मारे गए एक अन्य नक्सली का शव पोस्टमार्टम के लिए लाया गया था।
अधिकारियों द्वारा आजाद की मां और भाई के अलावा किसी अन्य को अस्पताल के अंदर प्रवेश करने की इजाजत नहीं देने की वजह से पुलिस और संगठनों के कार्यकर्ताओं के बीच बहस भी हुई।
मीडियाकर्मियों ने भी पुलिस द्वारा उन्हें अस्पताल परिसर में दाखिल होने की इजाजत न देने पर विरोध प्रकट किया। नक्सली समर्थकों का आरोप है कि पुलिस ने आजाद को महाराष्ट्र से पकड़ने के बाद उसकी बेरहमी से हत्या की है।
अस्पताल के बाहर गदर ने संवाददाताओं को बताया, "सरकार ने एक ऐसे व्यक्ति की हत्या की है जो शांति वार्ताओं में शामिल था। इससे पता चलता है कि उसकी दिलचस्पी शांति में नहीं है।"
गौरतलब है कि हैदराबाद से लगभग 300 किलोमीटर दूर अदीलाबाद जिले में जोगापुर के निकट नक्सलियों और पुलिसकर्मियों के बीच मुठभेड़ के दौरान आजाद की मौत हो गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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