कच्चे तेल की कीमत अधिक बढ़ी तो सरकार करेगी हस्तक्षेप : देवड़ा
देवड़ा ने यहां संवाददाताओं को बताया, "यदि कच्चे तेल की कीमतें अधिक बढ़ीं तो सरकार मूकदर्शक नहीं बनी रहेगी, क्योंकि उपभोक्ताओं की हिफाजत हमारा कर्तव्य है। तेल विपणन कंपनियां पेट्रोल की कीमत तब तक तय करने के लिए मुक्त हैं, जब तक कि कीमतें एक दायरे में हैं।"
पिछले सप्ताह पेट्रोलियम पदार्थो की कीमतों में की गई वृद्धि को उचित ठहराते हुए देवड़ा ने कहा कि सरकार के पास कीमतें बढ़ाने और पेट्रोल की कीमत तय करने को नियंत्रण मुक्त करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।
पेट्रोलियम सचिव एस.सुंदर्शन ने कहा, "हम पेट्रोल की बाजार आधारित कीमत तय करने के लिए तेल कंपनियों हेतु 60-66 डॉलर प्रति बैरल की दर को अनुकूल मानते हैं। वे कच्चे तेल की अंतर्राष्ट्रीय कीमतों की तर्ज पर दरों को निर्धारित करने के उपायों पर काम कर रही हैं।"
देवड़ा ने कहा, "हमारा काम यह देखना है कि पेट्रोल की अनियंत्रित कीमत का उपभोक्ताओं पर कोई विपरीत प्रभाव न हो।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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