कोड़ा की जमानत याचिका खारिज
इस बीच प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने रांची जेल में कोड़ा से लगभग पांच घंटे तक पूछताछ की।
न्यायाधीश ए. सहाय की खंडपीठ ने कोड़ा और पूर्व मंत्री कमलेश सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी। सिंह झारखण्ड खुफिया ब्यूरो द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद पिछले वर्ष 30 नवंबर से जेल में बंद हैं।
खुफिया ब्यूरो ने पिछले वर्ष जनवरी में कोड़ा और सिंह, दोनों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि दोनों ने ज्ञात स्रोतों के अलावा क्रमश: 400 और 130 प्रतिशत अधिक धन अर्जित किए हैं।
कोड़ा पर 2,500 करोड़ रुपये के हेराफेरी का भी आरोप है। उन्होंने अवैध तरीके से धन देश से बाहर भेजा है और उनके सहयोगी विनोद सिन्हा एवं संजय चौधरी (दोनों फरार हैं) को ढूंढने के लिए आयकर एवं प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले वर्ष अक्टूबर और इस वर्ष फरवरी में कोड़ा के आवास सहित नौ जिलों के 145 ठिकानों पर छापामारी की थी।
धन की हेराफेरी निरोधक अधिनियम (पीएमएलए) की अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय की अपील पर 23 जून को दुबई को लेटर रोगैटरी (एलआर) जारी किया, ताकि कोड़ा द्वारा किए गए घोटाले की जांच में मदद मिल सके।
शुक्रवार को हुई पूछताछ के दौरान कोड़ा से उनके और सहयोगियों के द्वारा दुबई में 270 करोड़ रुपये निवेश करने के बारे में जानकारी ली गई। सूत्रों के अनुसार हवाला संचालक अनिल बास्तवाडे ने पूछताछ में स्वीकार किया कि कोड़ा और उनके सहयोगियों ने हवाला के माध्यम से 270 करोड़ रुपये दुबई भेजे थे।
बास्तवाडे ने 270 करोड़ रुपये में से 225 करोड़ रुपये जेबेल अली फ्री जोन और जुमीराह गांव सहित विभिन्न परियोजनाओं में निवेश किए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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