नेपाल में संयुक्त सरकार का गठन हो : संयुक्त राष्ट्र
काठमांडू, 2 जुलाई (आईएएनएस)। नेपाल मेंनई सरकार के गठन के लिए सिर्फ पांच दिन बचे हैं। ऐसे में जरूरी है कि नेपाल की पार्टियां आपसी मतभेद भुलाकर सर्वसम्मति से नए सरकार के गठन के लिए प्रयास करें। संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि आपसी मतभेदों को भुलाकर नेपाल में संयुक्त सरकार का गठन होना चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख के कार्यालय द्वारा न्यूयार्क में गुरुवार देर रात जारी बयान में कहा गया है, "प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल के इस्तीफे के बाद संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने नेपाल की सभी पार्टियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा है कि वे सर्वमान्य सरकार के गठन के लिए प्रयास करें, जो शांति प्रक्रिया को बहाल करने को प्राथमिकता दे।"
संयुक्त राष्ट्र ने यह भी अपील की है कि विपक्षी माओवादी पार्टी के रवैये पर नजर रखी जाए, जिसके कारण पिछले वर्ष पहली माओवादी सरकार गिरी और वह शांति बाहली में बाधक बनती रही है।
संयुक्त राष्ट्र चाहता है कि माओइस्ट्स पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के 19,000 लड़ाकुओं का पुनर्वास हो, जो वर्ष 2006 से कैदी की जिंदगी जी रहे हैं। ये लड़ाकू शांति बहाली के लिए तैयार हैं और उन्होंने दस वर्ष पुराने अपने युद्ध को विराम दे दिया है।
उल्लेखनीय है कि माओवादियों से तकरार को लेकर प्रधानमंत्री ने गत बुधवार को इस्तीफा दे दिया है। नेपाल के राष्ट्रपति राम बरन यादव ने 25 संसदीय दलों को एक सप्ताह के भीतर सर्वमान्य प्रधानमंत्री चुनने को कहा है। सर्वमान्य प्रधानमंत्री के चयन का समय अगले बुधवार को खत्म हो जाएगा।
फिलहाल तीन मुख्य पार्टियां- माओवादी, नेपाली कांग्रेस और सत्ता से बाहर हुए प्रधानमंत्री की नपाली कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) प्रधानमंत्री पद के लिए दावा कर रही हैं। शुक्रवार को उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वे अन्य पार्टी के उम्मीदवार का समर्थन नहीं करेंगे।
नई सरकार के गठन में 22 छोटी पार्टियां भी शामिल होने की इच्छा जता रही हैं। उन्होंने तीन बड़ी पार्टियों से कहा है कि नए उम्मीदवार का वे समर्थन करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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