कश्मीर में हिंसा के पीछे लश्कर : चिदंबरम (राउंडअप)
घाटी के कर्फ्यूग्रस्त इलाके में स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है। चिदंबरम ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार को उम्मीद है कि किए जा रहे कड़े सुरक्षा उपायों के जरिए घाटी के हालात सामान्य हो जाएंगे।
मनमोहन सिंह के सरकारी आवास पर एक घंटा चली बैठक के बाद चिदंबरम ने संवाददाताओं को बताया, "हमने सुरक्षा बलों द्वारा की जा रही कार्रवाई के साथ ही कुछ राजनीतिक कार्रवाई करने के लिए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से और अन्य मंत्रियों से हिंसाग्रस्त इलाकों का दौरा करने के लिए कहा है।"
बैठक में चिदंबरम, रक्षा मंत्री ए.के.एंटनी और दोनों मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी तथा सुरक्षा व खुफिया एजेंसियों के प्रमुखों ने हिस्सा लिया।
चिदंबरम ने कहा, "हमें भरोसा है कि घाटी में कुछ दिनों के भीतर स्थिति सामान्य हो जाएगी।"
चिदंबरम ने कहा कि पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन, लश्कर-ए-तैयबा कश्मीर घाटी में उपद्रवों को भड़का रहा है। उन्होंने सोपोर में लश्कर की सक्रियता के सबूत होने का दावा भी किया।
यह पूछे जाने पर कि मंगलवार को उन्होंने उत्तेजना फैलाने के लिए जिन तत्वों पर आरोप लगाया था, क्या वे पाकिस्तानी हैं, चिदंबरम ने कहा, "राष्ट्रविरोधी ताकतें लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ी हैं।"
उन्होंने कहा कि 25 जून को सोपोर की करनशिवन कालोनी में मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए थे। हम मानते हैं कि वे लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य थे। यह संगठन वहां सक्रिय है।
ज्ञात हो कि कश्मीर पिछले दो सप्ताहों विरोध प्रदर्शन कर रही उग्र भीड़ पर सुरक्षा बलों की गोलीबारी में 11 नागरिकों की मौत हो चुकी है। इनमें ज्यादातर युवक हैं। हिंसा के मद्देनजर घाटी के कई इलाकों में कर्फ्यू लागू है।
चिदंबरम ने कहा कि अब तक की हिंसा में एक निरीक्षक सहित अर्धसैनिक बल के 53 जवान घायल हो चुके हैं।
घाटी में कानून और व्यवस्था की हालत बिगड़ने पर जम्मू एवं कश्मीर की सरकार ने बुधवार को दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग, कुलगाम और पुलवामा कस्बों में अनिश्चिकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया। सोपोर में कर्फ्यू का पांचवां और श्रीनगर में दूसरा दिन है। इन स्थानों पर कर्फ्यू में कोई ढील नहीं दी गई।
मंगलवार को अनंतनाग में तीन किशोर मारे गए थे। कश्मीर घाटी में हिंसा के कारण जनजीवन चौथे दिन भी पंगु रहा।
अब्दुल्ला ने मंगलवार को शांति के लिए भावनात्मक अपील की थी। उन्होंने घाटी में जल्द सामान्य स्थिति बहाल करने का संकल्प लिया था और हिंसा भड़काने वाली राष्ट्रविरोधी और स्वार्थी तत्वों की निंदा की थी।
चिदंबरम ने कहा कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली बैठक में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बयान की तारीफ की गई।
चिदंबरम ने कहा कि केंद्र सरकार ने सुरक्षा बलों को बार-बार निर्देश दिया है कि दंगाग्रस्त और पथराव कर रही भीड़ से निपटते समय अधिकतम संयम बरता जाए।
चिदंबरम ने कहा, "केंद्र सरकार सामान्य स्थिति बहाल करने में राज्य सरकार को मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है।"
उन्होंने आगे कहा, "तीर्थ यात्रियों को पूरा सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। हमें उम्मीद है कि जम्मू एवं कश्मीर में कोई भी व्यक्ति यात्रा में व्यवधान डालने के लिए कोई गलत कदम नहीं उठाएगा।"
इस बीच जम्मू एवं कश्मीर में बुधवार को एसएमएस सेवाएं बंद कर दी गईं ताकि राष्ट्र विरोधी तत्व तनाव और हिंसा को बढ़ावा न दे सकें। इससे एक दिन पहले ही उत्तरी कश्मीर में ये सेवाएं बंद की गई थीं।
सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "राष्ट्र विरोधी तत्वों और उनके मंसूबों को रोकने के लिए एसएमएस सेवाएं बंद की गई हैं। एसएमएस सेवाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है।"
एक मोबाइल सेवा प्रदाता ने आईएएनएस को बताया, "हमें गृह विभाग की ओर से एसएमएस सेवाओं को पूरे राज्य में बंद करने का आदेश दिया गया है।"
उधर, कश्मीर घाटी में पेट्रोल टैंकरों के चालकों के साथ मारपीट की कथित खबरों के बाद व्यापारियों के एक संगठन ने ईंधन की आपूर्ति फिलहाल रोक दी है।
'जम्मू एवं कश्मीर तेल टैंकर संगठन' के अध्यक्ष अनन शर्मा ने बुधवार को संवाददाताओं को बताया, "पेट्रोल टैंकरों के चालकों की कश्मीर में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पिटाई की थी। कुछ टैंकर पथराव की वजह से क्षतिग्रस्त हुए हैं।"
कश्मीर घाटी के बारामूला में तनाव को कम करने के मकसद से सेना ने बुधवार को फ्लैग मार्च भी किया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक ब्रिगेडियर के नेतृत्व में सेना की एक टुकड़ी ने बारामूला में फ्लैग मार्च किया ताकि लोगों में विश्वास बहाल किया जा सके और तनाव कम हो सके।
सूत्रों ने आईएएनएस को बताया, "जिला अधिकारी द्वारा सेना से औपचारिक आग्रह के बाद फ्लैग मार्च किया।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications