एयर इंडिया की नेपाल में श्रम मुकदमे में हार

काठमांडू, 30 जून (आईएएनएस)। विमानन कंपनी एयर इंडिया नेपाल के सर्वोच्च न्यायालय में श्रम संबंधी एक लंबी कानूनी लड़ाई हार गई है। न्यायालय ने कहा कि नेपाल में संचालन के समय कंपनी को नेपाल के श्रम कानूनों का पालन करना होगा।

घाटे से जूझ रही और खर्चो में कटौती के प्रयास में लगी एयर इंडिया के खिलाफ यह फैसला मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश खिलराज रेग्मी और भरतराज उप्रेती ने सुनाया।

न्यायालय का आदेश विमानन कंपनी के 39 दैनिक और अनुबंध पर काम करने वाले कर्मचारियों की जीत है, जो अब स्थाई कर्मचारी के दर्जे के हकदार होंगे।

करीब पांच वर्ष पहले दैनिक कर्मचारियों का समूह नेपाल के श्रम न्यायालय में पहुंचा और कहा कि एक वर्ष में लगातार 240 दिन काम करने के कारण उनको एक स्थाई कर्मचारी के तौर पर नियुक्त किया जाए।

नेपाल के श्रम कानून के अनुसार यदि कोई दैनिक कर्मचारी एक वर्ष में लगातार 240 दिन काम कर लेता है तो वह स्थाई कर्मचारी के तौर पर नियुक्ति का हकदार होता है।

एयर इंडिया ने इस मांग को खारिज करते हुए कहा कि वह नेपाल में पंजीकृत संगठन नहीं है और भारत सरकार का एक संस्थान है। नेपाल सरकार और भारत सरकार के बीच एक समझौते के माध्यम से नेपाल में उड़ान शुरू करने वाली एयर इंडिया ने कहा कि उस पर नेपाली कानून बाध्य नहीं हैं।

बहरहाल सर्वोच्च न्यायालय ने इस तर्क को अस्वीकार करते हुए कहा कि नेपाल में एयर इंडिया का कार्यालय नेपाली श्रम कानून के अधीन है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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