भारत को ज्यादा उद्यमियों की जरूरत: अशांक देसाई
पणजी, 29 जून (आईएएनएस)। नास्कॉम के पूर्व अध्यक्ष और भारत के सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विकास में अहम योगदान देने वाले मास्टेक कंपनी के संस्थापक अशांक देसाई का कहना है कि भारत को 10 प्रतिशत की दर से विकास करने के लिए और ज्यादा उद्यमियों की जरूरत पड़ेगी।
देसाई ने कहा, "इतिहास में देखा जा चुका है कि जो देश अपने उद्यमियों को प्रोत्साहन नहीं देते उनकी विकास दर घट जाती है।"
एक व्यापार समूह की वार्षिक आम बैठक में देसाई ने कहा कि देश को विकास दर बनाए रखने के लिए मानसिकता के बदलाव की जरूरत है। हमारे यहां ऐसे और उद्यमियों की जरूरत है जो अपने संगठनों को विस्तृत रूप दे सकें।
उन्होंने कहा, "भारत में उद्यमिता और जोखिम लेने की क्षमता को गंभीरता से नहीं लिया जाता, यदि हमें तेजी से विकास करना है तो इस सोच को बदलना होगा।"
उन्होंने कहा कि उद्यमियों को न सिर्फ भारत में बल्कि पूरे विश्व में अपने लिए बाजार तलाशने की जरूरत है।
वर्ष 1990 के बाद जब भारतीय उद्योगों ने दृढ़ता प्रदर्शित करनी शुरू की थी तब देसाई ने भी इस अवसर का उपयोग करते हुए अपने उद्यमों को ऊंचाई तक पहुंचाया और भारत को विश्व के मानचित्र पर अहम स्थान दिलाने में योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि अब से सिर्फ 30 साल पहले विकसित देशों में भारतीय पहचान को बेच पाना आसान नहीं था तब भारतीय लोगों के बारे में यही सोच थी कि यहां के लोग अब भी धूल भरी गलियों में हाथी की पीठ पर बैठकर सफर करते हैं।
उन्होंने कहा, "उस समय यह वाकई बहुत मुश्किल था, तब मैं जब सिंगापुर गया था, तब एक व्यक्ति ने मुझसे कहा था, आप साफ्टवेयर बेचते हैं, मैं सोचता था कि आप तो वहां हाथी पर बैठकर सफर करते होंगे।"
अब देश का सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग वर्ष 2010 में 50 अरब डॉलर का हो चुका है। भारत ने यह उपलब्धि काफी कम समय में हासिल की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications