अपनों के ख़िलाफ़ नहीं लड़ सकते:मंत्री

अल्ताफ़ हुसैन
बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर
भारत प्रशासित कश्मीर के सोपोर ज़िले में रविवार को पुलिस की गोलीबारी में एक युवक की मौत पर जम्मू-कश्मीर सरकार ने नाराज़गी जताई है.दरअसल शुक्रवार को राजधानी श्रीनगर से 50 किलोमीटर उत्तर सोपोर में भारत विरोधी प्रदर्शन के दौरान पुलिस फ़ायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई थी और तीन लोग घायल हो गए थे. इसके बाद सोपोर में कर्फ़्यू लगा दिया गया था.
रविवार को कर्फ़्यू के बावजूद लोग प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतर आए और सुरक्षाबलों ने गोलियाँ चलाई. इस गोलीबारी में एक नवयुवक की मौत ही गईराज्य के क़ानून मंत्री अली मोहम्मद सागर ने रविवार को जल्दबाज़ी में पत्रकार वार्ता बुलाई और कहा कि पुलिस की गोलीबारी न्यायोचित नहीं है.
उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ़ ने मुख्यमंत्री की उस हिदायत को नहीं माना है कि वे एहतियात बरते.मंत्री का कहना था कि पुलिस भारत के राष्ट्रीय हितों के ख़िलाफ़ काम कर रही है. अली मोहम्मद सागर ने कहा, “राज्य सरकार चरमपंथियों और अलगाववादियों के राजनीतिक नेतृत्व के ख़िलाफ़ लड़ रही है. लेकिन हम अपने ही लोगों के ख़िलाफ़ नहीं लड़ सकते जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर चुनाव में हिस्सा लिया."
'सोपोर चलो'
जम्मू कश्मीर के क़ानून मंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से अपील की वे पुलिस पर लगाम कसें. उन्होंने गृह मंत्री को राज्य में आकर स्थिति का जायज़ा लेने के लिए भी कहा.इस बीच हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के दोनों धड़ों ने 'सोपोर चलो' का आव्हान किया है. शुक्रवार को गोलीबारी में दो लोगों की मौत के विरोध में मार्च का आह्वान किया गया है
हुर्रियत कॉन्फ़ेंस के गिलानी धड़े ने 'कश्मीर छोड़ो' के नारे के साथ सोमवार और मंगलवार को प्रदर्शन करने की घोषणा की है.राज्य प्रशासन ने अगले दो दिन स्कूल कॉलेज बंद रखने की घोषणा की है.'सोपोर चलो' या सोपोर मार्च को हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के कट्टरपंथी गिलानी गुट और नरमपंथी मीरवाइज़ गुट दोनों का समर्थन है.
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