पेट्रोल कीमतों में वृद्धि आवश्यक था : प्रणब
मीडियाकर्मियों से यहां बातचीत करते हुए मुखजी ने कहा कि जरूरी उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि हमेशा अप्रिय है, लेकिन कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं।
मुखर्जी ने कहा कि पेट्रोल की कीमतें बाजार पर निर्भर होंगी। डीजल की कीमतों में 1.49 प्रतिशत का फर्क अभी भी है। यहां तक कि ताजा मूल्य वृद्धि के बावजूद रसोई गैस के प्रति सिलिंडर पर 227 रुपये और केरोसिन पर 14.80 रुपये की सब्सिडी होगी।
मुखर्जी ने कहा, "इसका महगाई पर कुछ असर जरूर पड़ेगा। मुख्य आर्थिक सलाहकार के अनुसार महंगाई पर इसका प्रत्यक्ष प्रभाव 0.9 प्रतिशत तक होगा।"
मुखर्जी ने स्वीकार किया कि मूल्य वृद्धि का कुछ अधोगामी प्रभाव भी होगा, क्योंकि परिवहन की लागत बढ़ जाएगी। परिणास्वरूप अर्थव्यवस्था में अन्य उत्पादों की कीमतों पर उसका असर होगा।
मुखर्जी ने कहा, "लेकिन जुलाई तक महंगाई का दबाव कम हो जाएगा, खासतौर से खाद्य महंगाई और प्राथमिक वस्तुओं की महंगाई पर। और वर्ष के अंत तक महंगाई नीचे आ जाएगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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