ओबामा ने उत्तर कोरिया मामले में चीन के रुख की आलोचना की
एक अंतर्राष्ट्रीय जांच दल ने 26 मार्च को दक्षिण कोरिया के जहाज पर उत्तर कोरिया द्वारा तारपीडो से हमला किए जाने की पुष्टि की थी। उत्तर कोरिया ने हमले में अपनी भूमिका से इंकार किया था। चीन ने भी इस संभावना को खारिज किया था।
ओबामा ने कहा, "मैं समझता हूं कि चीनी प्रधानमंत्री हू जिंताओं को अपने पड़ोसियों और सहयोगियों के प्रति संयम बरतने की जरूरत है लेकिन समस्याओं के निवारण के लिए संयम और सोच-समझकर नजरअंदाज करने की स्थितियों में अंतर होना चाहिए।"
टोरंटो में जी-20 की बैठक के दौरान पत्रकारों को संबोधित करते हुए ओबामा ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री हू प्योंगयांग के मामले में लीक से हटकर उदाहरण पेश करेंगे।"
ओबामा ने कहा कि उन्होंने चीन के प्रधानमंत्री से इस बारे में खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस बात को मानता है कि कोरिया चीन का आंगन है लेकिन हम चेतावनी देना चाहते हैं कि यदि चीन इसी तरह उत्तर कोरिया की कार्रवाई को नजरअंदाज करता रहा तो विश्व समुदाय कोरियाई प्रायद्वीप में शांति कायम करने में असमर्थ रहेगा।
उन्होंने कहा, "यह एक बुरी आदत है कि हम उत्तर कोरिया के व्यवहार के बुरे पक्षों को नजरअंदाज करते रहें और उम्मीद करें कि कोई दूसरा यहां शांति कायम करे।"
दक्षिण कोरिया ने इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उठाया है लेकिन अपने पड़ोसी की निंदा करने में अनिच्छुक चीन के कारण यहां प्रस्ताव पारित नहीं हो सका है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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