'हेडली के खुलासों को पाकिस्तान को गंभीरता से लेना होगा'
अरविंद पद्मनाभन
टोरंटो, 28 जून (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ रविवार को आतंकवाद का मुद्दा उठाते हुए भारत ने कहा कि पाकिस्तान को आतंकवादी खत्म करने के साथ ही मुंबई हमले के अभियुक्त डेविड कोलमैन हेडली के खुलासों पर अवश्य कदम उठाना चाहिए।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और ओबामा के बीच जी-20 शिखर बैठक से इतर द्विपक्षीय बातचीत के दौरान यह मुद्दा उठाया गया। भारत ने स्पष्ट कर दिया कि पाकिस्तान अपने यहां मौजूद आतंकवादी संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
मनमोहन सिंह और ओबामा के बीच मुलाकात केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम के पाकिस्तान दौरे के दो दिन बाद हुई है। चिदंबरम ने पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्री रहमान मलिक से मुलाकात के दौरान आतंकवादी संगठनों को लेकर भारत की चिंता की बात पुरजोर ढंग से उठाई थी।
प्रधानमंत्री और ओबामा के बीच मुलाकात के दौरान हेडली के खुलासों के मामला भी उठा। इस दौरान भारत की ओर से कहा गया कि मुंबई हमले के संदर्भ में पाकिस्तान में जिन लोगों के खिलाफ कथित कानूनी कार्रवाई की जा रही है, उसके अलावा कई लोग इस जघन्य हमले में शामिल थे। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसिज इंटेलीजेंस (आईएसआई) की संलिप्तता की बात भी उठाई गई है।
मुंबई हमले के लिए जिम्मेदार लश्कर-ए-तैयबा का संदिग्ध आतंकवादी हेडली अमेरिकी अदालत में मुंबई हमले के संदर्भ में अपने जुर्म कबूल कर चुका है। 26 नवंबर, 2008 को हुए मुंबई हमले में लगभग 166 लोग मारे गए थे।
विदेश सचिव निरुपमा राव ने कहा कि इस मुलाकात के दौरान पाकिस्तान के साथ शांति प्रक्रिया में हुई हाल की प्रगति के बारे में अमेरिका को अवगत कराया गया। उल्लेखनीय है कि इस दौरान यूनियन कार्बाइड के पूर्व प्रमुख वॉरेन एंडरसन के प्र्त्यपण का मुद्दा नहीं उठाया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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