रोहतांग सुरंग से पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा : सोनिया (लीड-2)
सोलांग (हिमाचल प्रदेश), 28 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार को 13,300 फुट ऊंचाई पर दुनिया की सबसे लंबी सुरंग की आधारशिला रखने के बाद कहा कि इसके निर्माण से न केवल पर्यटन और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा बल्कि युवाओं के सामने रोजगार के ज्यादा अवसर भी उपलब्ध होंगे।
यह सुरंग मनाली से 25 किलोमीटर दूर धुंडी में बनेगी। यह 8.8 किलोमीटर लंबी होगी। इस सुरंग के बन जाने के बाद लद्दाख और मनाली साल भर सड़क संपर्क बना रहेगा।
सोनिया ने काले ग्रेनाइट की पट्टिका का अनावरण भी किया। इस पट्टिका पर लिखा है, "रोहतांग सुरंग की आधारशिला 28 जून, 2010 को राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा रखी गई।"
इस मौके पर सोनिया ने कहा, "लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं पूरे साल हासिल कर सकेंगे। चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के पास रोजगार पाने का अवसर भी बढ़ेगा।"
उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह के नेतृत्व में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार हिमाचल प्रदेश और जम्मू एवं कश्मीर जैसे पर्वतीय राज्यों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
इस सुरंग की आधारशिला रखे जाने के मौके पर रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल भी मौजूद थे। इस सुरंग से हिमाचल के लाहौल और स्पीति जिले सड़क संपर्क से जुड़ जाएंगे। सर्दी के मौसम में इन दोनों जगहों का संपर्क देश के शेष हिस्से से कट जाता था।
सोनिया की ओर से इस सुरंग की आधारशिला रखे जाने से पहले सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। इसमें हिंदू, मुस्लिम, ईसाई और बौध धर्म के गुरुओं ने इस परियोजना के सफल होने की प्रार्थना की।
सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के अधिकारी इस सुरंग के निर्माण को 'बड़ी भूगर्भीय चुनौती' मानते हैं। इस सुरंग की परियोजना पर कुल 1,500 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। यह 63 महीने में बनकर तैयार होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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