मनमोहन ने परमाणु प्रौद्योगिकी के शांतिपूर्ण इस्तेमाल का भरोसा दिलाया
टोरंटो, 28 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रविवार को भरोसा दिलाया कि असैन्य परमाणु ऊर्जा समझौतों के तहत भारत को आपूर्ति की जाने वाली परमाणु प्रौद्योगिकी और सामग्री का इस्तेमाल सिर्फ शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
सिंह ने कनाडा के प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, "भारत को आपूर्ति की जाने वाली किसी भी परमाणु सामग्री या उपकरण का इस्तेमाल किसी अवांछित उद्देश्य के लिए होने की संभावना ही नहीं है।"
हार्पर ने कहा, "हमने समझौते के लिए उन मसलों पर व्यापक विचार-विमर्श किया और इस तरह के मामलों में जिस पूर्ण विश्वास की जरूरत होती है, भारत सरकार उन सुरक्षामानकों के मामले में बहुत स्पष्ट है।"
दोनों देशों के बीच असैन्य परमाणु सहयोग समझौते पर दस्तखत होने के तत्काल बाद यह संयुक्त संवाददाता सम्मेलन हुआ। भारत ने इसी तरह के समझौते अमेरिका, फ्रांस और रूस सहित आठ अन्य देशों के साथ भी किए हैं।
वर्ष 1974 में भारत द्वारा किए गए परमाणु परीक्षण के बाद कनाडा की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों का जिक्र करते हुए हार्पर ने कहा कि समकालीन विश्व में उनका देश उस तरह की कार्रवाई नहीं कर सकता, जैसी 30 साल पहले के युग में की गई थी।
हार्पर ने कहा, "आज के युग में हम अलग वास्तविकताओं में जीते हैं। भारत बहुत अहम देश है-आने वाले दौर में यह और भी महत्वपूर्ण होगा।"
उन्होंने कहा कि भारत और कनाडा के हित साझे हैं और दोनों समान चुनौतियों का सामना करते हैं। उन्होंने कहा कि कनाडा यह जानता है कि भारत को ऊर्जा, अपना परमाणु उद्योग विकसित करने की तत्काल जरूरत है और वह इस पहल का हिस्सा बनना चाहता है।
दोनों देशों के बीच निम्नलिखित द्विपक्षीय समझौते हुए :
-कनाडा और भारत की शैक्षिक संस्थानों में तालमेल बढ़ाने के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में समझौता।
-खनन और द्विपक्षीय निवेश सहित संबद्ध गतिविधियों में संवाद बेहतर बनाने के लिए भू विज्ञान एवं खनन के क्षेत्र में समझौता।
-कनाडा की संस्कृति की भारत में और भारतीय संस्कृति की कनाडा में झलक पेश करने के द्विपक्षीय प्रयासों को सुगम बनाने के लिए सांस्कृतिक सहयोग के क्षेत्र में समझौता।
दोनों नेताओं ने व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते पर एक संयुक्त अध्ययन दल की रपट का स्वागत किया और अक्टूबर तक करार संपन्न होने की उम्मीद जाहिर की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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