भारत ने कनाडा से सिख चरमपंथ को नियंत्रित करने को कहा
टोरंटो, 28 जून (आईएएनएस)। सिख चरमपंथ पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कनाडाई प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर की मेजबानी में दिए गए भोज के दौरान कहा कि उन्हें उम्मीद है कि कनाडा अपने यहां किसी भी तरह की भारत विरोधी गतिविधियों का संचालन नहीं होने देगा।
मीडिया द्वारा किए गए एक सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा, "मैने प्रधानमंत्री से इस विषय में चर्चा की है कि कनाडा में सिख चरमपंथ को रोकने की जरूरत है।"
कनाडाई प्रधानमंत्री द्वारा कानूनी सीमाओं की बात पर जोर देने के विषय में उन्होंने कहा, "यह महत्वपूर्ण है कि कनाडा अपनी जिम्मेदारी के अनुरूप सही कदम उठाए।"
कनाडा में सिख समुदाय से चरमपंथ को दरकिनार करने की अपील करते हुए उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि कनाडा का सिख समुदाय अपने धार्मिक संस्थानों और अन्य जगहों पर चरमपंथियों को प्रोत्साहन नहीं देगा।"
उन्होंने कहा कि धार्मिक चरमपंथ का मौजूदा वैश्विक समाज से कोई मेल नहीं है बल्कि यह हमारी विविधता को नुकसान पहुंचाता है।
एयर इंडिया के कनिष्क विमान में सिख आतंकवादियों द्वारा विस्फोट की 25वीं बरसी का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "यह भयावह घटना इस बात का प्रमाण है कि आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।"
उन्होंने कहा कि इस त्रासदी के पीड़ितों को पूरा न्याय मिलना चाहिए।
दोनों प्रधानमंत्रियों ने अपने संयुक्त बयान में कनिष्क विमान विस्फोट का हवाला देते हुए दोनों देशों के बीच आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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