मंत्रियों पर मुक़दमा दर्ज करने का आदेश

मंत्रियों पर मुक़दमा दर्ज करने का आदेश
रामदत्त त्रिपाठी

बीबीसी संवाददाता, लखनऊ

उत्तर प्रदेश में जौनपुर की एक अदालत ने मायावती सरकार के चार मंत्रियों, एक आयोग के चेयरमैन और अम्बेडकर टुडे पत्रिका के संपादक तथा प्रकाशक समेत नौ व्यक्तियों के ख़िलाफ़ लोगों की धार्मिक भावनाएं भड़काने के लिए आपराधिक मुक़दमा दर्ज करने का आदेश दिया है.

चीफ़ जुडिशियल मजिस्ट्रेट अशरफ अंसारी ने एक सीनियर एडवोकेट राधे श्याम वर्मा के प्रार्थना पत्र पर शनिवार को यह आदेश जारी किया. पुलिस का कहना है कि आदेश की प्रति प्राप्त होते ही मुक़दमा दर्ज कर लिया जाएगा.इससे पहले पुलिस मुक़दमा दर्ज करने में आनाकानी कर रही थी क्योंकि पत्रिका के संपादक सत्तारूढ़ दल बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं.

एडवोकेट राधे श्याम वर्मा ने अदालत में प्रार्थना पत्र में कहा था कि मासिक पत्रिका अम्बेडकर टुडे के मई माह के अंक में वैदिक ब्राह्मण और उसका धर्म शीर्षक से प्रकाशित एक लेख में हिंदू देवी देवताओं और वेद पुराण के बारे में आपत्तिजनक बातें छपी हैं.

उनका आरोप था कि यह लेख हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं पर कुठाराघात और धार्मिक विद्वेष फैलाने वाला है. अदालत ने पुलिस कोतवाली जौनपुर को आदेश दिया है कि वह नामज़द लोगों के ख़िलाफ़ भारतीय दंड संहिता कि विभिन्न धाराओं में मुक़दमा दर्ज करे.

अभियुक्तों में पत्रिका के संपादक राजीव रत्न मौर्य, ब्यूरो प्रमुख अशोक आनंद ,लेखक अश्विनी कुमार शाक्य और श्रीमती सुषमा राणा के अलावा सरकार के चार मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीक़ी , स्वामी प्रसाद मौर्या, बाबू सिंह कुशवाहा एवं दद्दू प्रसाद शामिल हैं.

ये मंत्रीगण पत्रिका के संरक्षक हैं

पिछड़ा वर्ग आयोग के चेयरमैंन पारस नाथ मौर्य को भी अभियुक्त बनाया गया है.वह पत्रिका के संपादक के पिता हैं और पत्रिका के प्रकाशन में उनकी महत्त्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है.

इससे पहले सरकार ने पत्रिका की प्रतियाँ ज़ब्त करके सी आई डी जांच बिठा दी थी, लेकिन लोग इससे संतुष्ट नहीं हुए थे. लोगों को लगता है कि यह मामले को दबाने का प्रयास था .

एक वरिष्ट पुलिस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर मांग की थी कि इस तरह के लेख के प्रकाशन को आपराधिक कार्यवाही मानते हुए दोषियों के ख़िलाफ़ कड़ी क़ानूनी कार्यवाही की जाए.

श्री ठाकुर का कहना है 'अम्बेडकर टुडे पत्रिका में जिस प्रकार की अशोभनीय और गंदी भाषा का प्रयोग किया गया है वह ग़लत है और एक प्रकार से आपराधिक कृत्य है. प्रत्येक व्यक्ति को अपनी वेदना और विचार व्यक्त करने का अधिकार है लेकिन इस प्रकार से किसी धर्म, किसी समाज और सम्प्रदाय के लिए गालीयुक्त भाषा का प्रयोग करना स्वीकार्य नहीं है."

'अम्बेडकर" टुडे पत्रिका सत्तारूढ़ बहुजन समाज पार्टी की नीतियों और विचारधारा की पोषक मानी जाती है और उसे सरकार का संरक्षण प्राप्त है.

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+